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भागलपुर में 1625 नियोजित शिक्षकों की मेधा सूची फिर खंगाल रहा निगरानी विभाग, पुराने रिकॉर्ड की दोबारा जांच तेज

Published: Sat, 31 Oct 2026 10:07 AM (IST)

Bhagalpur Vigilance Department Investigation: भागलपुर में नियोजित शिक्षकों के शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की निगरानी जांच फिर से तेज हो गई है। ...और पढ़ें

जिला शिक्षा विभाग लगी जांच के लिए आई निगरानी की गाड़ी।

जिला शिक्षा विभाग लगी जांच के लिए आई निगरानी की गाड़ी।

HighLights

  1. पटना से निगरानी टीम भागलपुर पहुंची जांच के लिए।

  2. डीईओ कार्यालय और बीआरसी में दस्तावेजों की पड़ताल की।

  3. 2532 शिक्षकों के लंबित फोल्डरों की जांच में तेजी।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। भागलपुर जिले में नियोजित शिक्षकों के शैक्षणिक व अन्य प्रमाणपत्रों की चल रही निगरानी जांच के मामले में एक बार फिर प्रशासनिक हलकों में सरगर्मी तेज हो गई है। पूर्व में आवश्यक कागजात और मेधा सूची (Merit List) उपलब्ध नहीं होने के कारण निगरानी विभाग द्वारा लौटाए गए 1625 फोल्डरों की मेधा सूची और दस्तावेजों को खोजने का काम फिर से शुरू कर दिया गया है।

शुक्रवार को पटना से निगरानी विभाग की डीएसपी के नेतृत्व में पहुंची पांच सदस्यीय टीम ने सबसे पहले जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) कार्यालय में करीब आधे घंटे तक दस्तावेजों की पड़ताल की। इसके बाद टीम सीधे नगर निगम के बीआरसी (BRC) पहुंची, जहां लगभग एक घंटे तक पुराने कागजात और फाइलों को खंगाला गया।

10 शिक्षकों की सूची देकर प्रखंडों से मांगी गई जानकारी

निगरानी टीम की इस अचानक छापेमारी और औचक निरीक्षण से शिक्षा विभाग और नियोजन इकाइयों से जुड़े कर्मियों में हड़कंप मच गया। जांच टीम ने जिला शिक्षा कार्यालय को 10 शिक्षकों की एक विशेष सूची सौंपते हुए संबंधित प्रखंडों से अविलंब जानकारी जुटाने का निर्देश दिया है।

सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक नियोजन प्रक्रिया पूरी होने के बाद उस दौरान के तमाम कागजात बीआरसी में जमा कराए गए थे। वर्तमान में बीआरसी के गोदाम में पुराने दस्तावेज रखे हुए हैं, लेकिन लंबी अवधि बीत जाने के कारण कई कागजात के प्रिंट्स और लिखावट खराब हो चुकी है।

अब विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि संबंधित नियोजन समितियों ने उस वक्त आवेदन और मेधा सूची की प्रतियां जमा कराई थीं या नहीं। दस्तावेजों की उपलब्धता और सत्यापन के आधार पर ही आगे की लंबित जांच को गति दी जाएगी।

2532 शिक्षकों के फोल्डर अब भी लंबित

गौरतलब है कि भागलपुर जिले में नियोजित कुल 8256 शिक्षकों के प्रमाणपत्रों और कागजातों की सघन जांच लंबे समय से चल रही है। कागजी औपचारिकताओं और फोल्डरों के गायब मिलने के कारण प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया धीमी पड़ी हुई है।

वर्तमान स्थिति यह है कि जिले में अभी भी 2532 शिक्षकों के फोल्डरों की जांच पूरी नहीं हो सकी है। निगरानी टीम के सक्रिय होने के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि फर्जीवाड़े और कागजात छिपाने वाले शिक्षकों पर शिकंजा कसने की प्रक्रिया में तेजी आएगी।

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