भागलपुर, जागरण संवाददाता। दिल्ली से चलकर कामाख्या जा रही ब्रह्मपुत्र मेल से सोमवार की शाम तीन पशु (भैंस) कट गए। इसके बाद ट्रेन मौके पर ही रुक गई। करीब 45 मिनट बाद ट्रेन घटनास्थल से खुली। जब यह हादसा हुआ उस वक्त ट्रेन की रफ्तार लगभग 90 किलोमीटर प्रति घंटे थी। चालक की सूझबूझ का परिचय देते हुए ट्रेन को नियंत्रित कर लिया। इस कारण ट्रेन रफ्तार में होने के बाद भी किसी तरह का हादसा नहीं हुआ। इंजन से सटे कोच में बैठे हैं पैसेंजर हड़बड़ा गए। हादसे के बाद ट्रेन में वैक्यूम प्रेशर नहीं बनने के कारण रूकी रही, चालक और गार्ड ने इसे ठीक किया, फिर ट्रेन आगे के लिए रवाना हुई।

 दरअसल, ब्रह्मपुत्र मेल निर्धारित समय पर चल रही थी सुल्तानगंज स्टेशन से शाम 6.50 बजे खुली। यहां से खुलने के बाद ट्रेन का सीधा ठहराव भागलपुर जंक्शन है। इस वजह से ट्रेन पूरी रफ्तार में थी। इस दौरान अकबरनगर और नाथनगर स्टेशन के बीच छीट मकंदपुर हॉल्ट के पास रेलवे ट्रैक पर तीन पशु खड़े थे। दूर से ही चालक ने पशु को ट्रैक पर देखकर लगातार हॉर्न देने लगे। लेकिन, रेलवे ट्रैक से कोई जानवर नहीं हट सका। इस बीच ट्रेन के इंजन से तीनों पशु में टकरा गया और तेज आवाज हुई। कोच संख्या स्लीपर सात में सफर कर रहे यात्री राजेश कुमार, संजय, सोनू ने बताया कि ईश्वर का शुक्र था कि किसी तरह का कोई हादसा नहीं हुआ। सभी पैसेंजर पूरी तरह सुरक्षित हैं। 30 मिनट ट्रेन भागलपुर में भी रुकी रही।

ब्रह्मपुत्र मेल से भैंसा कटने के बाद बड़ी दुर्घटना भी टल गई। क्योंकि ट्रेन स्पीड में थी और भैंसा आकर टकरा गया। गनीमत रही कि भैंसा इंजन में फंसा नहीं। नहीं तो ट्रेन डिरेल भी हो सकती थी। भैंसा कटने के बाद ब्रह्मपुत्र मेल के चालक ने नाथनगर स्टेशन मास्टर को इसकी सूचना दी। इसके बाद पीडब्ल्यूआई सेक्शन को सूचना दी गई। पीडब्ल्यूआई की टीम ने 7.20 बजे लाइन पेट्रोलिंग किया। इसके बाद अप लाइन को बाधा मुक्त घोषित किया गया। अप लाइन से ट्रेन परिचालन शुरू हो गया। घटना के बाद भागलपुर से सुल्तानगंज की ओर पहली ट्रेन वर्धमान पैसेंजर गुजरी। डाउन लाइन पर पीडब्ल्यूआई से सूचना मिलने के बाद ट्रेन परिचालन शुरू कराया जाएगा।

Edited By: Dilip Kumar Shukla