यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 29, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bhagalpur News : दोहरे हत्याकांड में अब आठ तारीख की सुनवाई पर टिकी सबकी नजर, केस डायरी जमा
Bhagalpur News भागलपुर में दोहरे हत्याकांड की सुनवाई अब आठ तारीख को होगी। अदालत में केस डायरी जमा कर दी ...और पढ़ें

भागलपुर, जेएनएन। बिहार बार काउंसिल के को-चेयरमेन रहे कामेश्वर पांडेय और उनकी नौकरानी रेणु झा की हत्या में दो आरोपितों की जमानत अर्जी पर अब आठ दिसंबर को बहस होगी। शनिवार को चतुर्थ एडीजे दिनेश चंद्र शर्मा की अदालत में सरकार की तरफ से अपर लोक अभियोजक ओमप्रकाश तिवारी ने केस डायरी जमा कराई। एपीपी तिवारी पिछली तिथि को अपना पक्ष रखने के पूर्व केस डायरी के अवलोकन के लिए न्यायालय से समय मांग लिया था।
न्यायालय ने उन्हें केस डायरी के अध्ययन के लिए समय दे दिया था। शनिवार को केस डायरी का अध्ययन कर एपीपी ने केस डायरी कोर्ट में जमा करा दिया। न्यायाधीश ने दोनों आरोपितों की जमानत अर्जी पर अभियोजन की दलील सुनने के लिए आठ दिसंबर की तिथि तय कर दी है। अब आठ दिसंबर को दोनों आरोपितों की जमानत अर्जी पर अभियोजन अपना पक्ष देंगे। आरोपित गोपाल भारती और रवीश कुमार की तरफ से बचाव पक्ष की दलीलें अदालत में पूरी हो चुकी है। गोपाल की तरफ से जिला विधिक सेवा प्राधिकार के पैनल अधिवक्ता मुरारी कुमार चटर्जी जबकि रवीश कुमार की तरफ से राजीव कुमार सिंह बहस कर चुके हैं।
पांच मार्च 2020 को हुई थी हत्या
बता दें कि पांच मार्च 2020 को कामेश्वर पांडेय और उनकी नौकरानी की लाल बाग स्थित आवास पर बेरहमी से कत्ल कर दिया गया था। हत्याकांड को अंजाम उनके किराएदार गोपाल भारती ने राजकुमार सिंह, रविश कुमार और गब्बर पासवान की मदद से की थी। वारदात को अंजाम देने के बाद गोपाल सहयोगियों के साथ अधिवक्ता की सियाज कार, नकदी आदि भी लेकर भाग निकला था। उक्त हत्याकांड में स्वयं डीआइजी सुजीत कुमार ने घटनास्थल का मुआयना कर एक घंटे से अधिक समय रहकर तफ्तीश को मुकाम पर ला दिया था।
दारोगा पुत्र रवीश कुमार की गिरफ्तारी, खून सने कपड़े और हथियार बरामदगी के बाद एसएसपी आशीष भारती ने बिना समय जाया किये पुलिस की टीम किशनगंज भेजी थी। वहां अधिवक्ता की कार बरामद कर ली गई थी। फिर टीम ने कोलकाता से गोपाल भारती और राजकुमार सिंह को गिरफ्तार करने में कामयाबी पाई थी। मामले में अभी तक आरोपित रणधीर कुमार उर्फ गब्बर पासवान फरार चल रहा है। इसके लिए जांचकर्ता दारोगा भानु प्रताप सिंह ने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में अर्जी दे रखी है।
