यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Amrita Pandey: कौन हैं मनीष और अमजद, भोजपुरी एक्ट्रेस अमृता पांडेय से क्या था नाता?
पति चंद्रमणि और अमृता की एक बहन ने दावा किया था कि अमृता ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर नामक बीमारी से ग्रसित ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, भागलपुर। रहस्यमय स्थिति में 27 अप्रैल 2024 को आदमपुर स्थित अपार्टमेंट में फंदे पर लटकते मिले भोजपुरी अदाकारा अन्नपूर्णा उर्फ अमृता पांडेय के शव और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि ने सबको चौंका दिया है। पुलिस टीम पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक के सप्लीमेंट्री ओपिनियन के आने का इंतजार के अलावा हत्या के बिंदुओं की सभी कड़ी को जोड़ने में भी लगी है, ताकि किसी किस्म की चूक न हो।
पुलिस की जांच के घेरे में अब दिव्य धर्म अपार्टमेंट स्थित फ्लैट में 27 अप्रैल को अन्नपूर्णा की मृत्यु पूर्व वहां किन लोगों की आवाजाही हुई। परिवार के सदस्यों के अलावा और कौन लोग वहां मौजूद थे। उसकी बाकायदा तकनीकी जांच की जा रही है।
18 अप्रैल 2024 को अन्नपूर्णा की बहन की शादी में अन्नपूर्णा से मिलने वाले कौन-कौन लोग थे। किनसे उनकी मोबाइल पर बातें हुई या मृत्यु पूर्व होती रही। इसकी कुंडली भी पुलिस खंगाल लेना चाहती है। मोबाइल और उसके इंटरनेट मीडिया से जुड़े प्लेटफार्म पर सक्रियता की जांच की इसी कड़ी में पुलिस को किसी मनीष और अमजद के भी अन्नपूर्णा से नजदीक होने की जानकारी मिली है।
पुलिस तकनीकी जांच में अन्नपूर्णा के इंटरनेट मीडिया से जुड़ी गतिविधियों को खंगाल रही है। उसके पूर्व के स्टेटस, ग्रुप फोटो आदि भी जांच के दायरे में लिए गए हैं। मुंबई में अन्नपूर्णा के रहते उससे और उसके पति चंद्रमणि से मिलने जाने वालों की भी कुंडली खंगाली जा रही है।
अमृता को ओसीडी थी?
27 अप्रैल को अन्नपूर्णा उर्फ अमृता पांडेय का शव मिलने के बाद उसके परिजन यहां तक कि पति चंद्रमणि ने उसे मानसिक रूप से बीमार बताया था। यह भी दावा करते रहे कि वह वर्ष 2018 से डिप्रेशन में चली गई थी। पति चंद्रमणि और अमृता की एक बहन ने दावा किया था कि अमृता ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर नामक बीमारी से ग्रसित थी।
वह घंटों पानी से हाथ-पांव साफ करती रहती थी जबतक वह पूरी तरह संतुष्ट नहीं हो जाती कि उसके हाथ-पांव पूरी तरह साफ हो गए हैं। यह भी दावा किया गया कि वह वर्ष 2018 से ही इस तरह की बीमारी से ग्रसित हो गई थी। उसका बेहतर उपचार चल रहा था। उस बीमारी के प्रभाव में आकर वह अक्सर परेशान हो कहा करती थी कि वह ठीक तो हो जाएगी न?
उसी बीमारी के दुष्प्रभाव में आकर उसने आत्महत्या कर ली, यही दावा पति और परिजन करते रहे, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि होने के बाद पति और परिजन के इस तरह के दावे कुछ और संकेत दे रहे हैं।
इधर, सिटी एसपी मिस्टर राज ने बताया कि पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक से मांगी गई सप्लीमेंट्री ओपिनियन के आ जाने और विशेषज्ञों से मंथन करने के बाद पुलिस जोगसर थाने में दर्ज यूडी केस में तब्दीली लाने पर विचार किया जाएगा।
