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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 17, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बिहार: नववर्ष जुलूस के बाद भागलपुर में दो पक्षों के बीच पथराव, गोलीबारी

By Ravi RanjanEdited By:
Published: Sat, 17 Mar 2018 05:46 PM (IST)Updated: Sun, 18 Mar 2018 10:04 PM (IST)

बिहार के भागलपुर में दो पक्षों में विवाद के बाद जमकर रोड़ेबाजी हुई। गोलीबारी भी की जा रही है। कई गाडि़यों को आग के हवाले कर दिया गया।

बिहार: नववर्ष जुलूस के बाद भागलपुर में दो पक्षों के बीच पथराव, गोलीबारी
बिहार: नववर्ष जुलूस के बाद भागलपुर में दो पक्षों के बीच पथराव, गोलीबारी

style="text-align: justify;">भागलपुर [जेएनएन]। बिहार के भागलपुर के नाथनगर में शनिवार को भारतीय नववर्ष की पूर्व संध्या पर निकले जुलूस के बाद दो पक्षों में हुई हिंसक झड़प में 60 लोग घायल हो गए। दर्जनों दुकानें जला दी गईं। मोटरसाइकिल फूंकी गई। उपद्रवियों ने 15 राउंड फायरिंग की और चार बम भी फोड़़े। तनाव को देखते हुए क्षेत्र में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। कई घंटे तक पथराव, बमबाजी, फायरिंग और तोडफ़ोड़ हुई। चार जिलों की पुलिस बुलाई गई, तब स्थिति नियंत्रण में आई।
नववर्ष की पूर्व संध्या पर निकला था जुलूस
भारतीय नववर्ष की पूर्व संध्या पर नववर्ष आयोजन समिति द्वारा बाइक जुलूस निकाला गया था। जुलूस आगे चला गया। उसके बाद चंपानगर के लोगों ने सड़क पर पथराव आरंभ कर दिया। ऑटोरिक्शा रोककर तोडफ़ोड़ करने लगे। इसके बाद बाबू टोला के लोग भी सामने आ गए। दोनों पक्षों में घमासान शुरू हो गया। रोड़ेबाजी तीन घंटे से भी अधिक समय तक चली।
पुलिस वाले जान बचाकर भागे, पांच दर्जन घायल
चंपानगर चौक पर दोपहर तीन बजे से दोनों ओर से जमकर रोड़ेबाजी, गोलीबारी और बमबाजी हुई। पांच दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। ईंट-पत्थर लगने से डीएसपी और इंस्पेक्टर जख्मी हो गए। नाथनगर इंस्पेक्टर ने मंदिर में छुपकर जान बचाई। एक पक्ष की ओर से 15 राउंड गोलियां चलाई गई। गोली लगने से जिला पुलिस बल का एक सिपाही और एक स्थानीय व्यक्ति घायल हुए।
उपद्रवियों ने चार बम भी फेंके, जिसकी चपेट में आने से दो व्यक्ति जख्मी हो गए। लोगों ने मोटरसाइकिल में आग लगा दी। दुकानों और वाहनों में जमकर तोडफ़ोड़ की। उपद्रवियों को बेकाबू होते देख थाने के जवान भाग खड़े हुए। रुक-रुक कर रोड़ेबाजी होने के कारण डीएम, डीडीसी और एसएसपी को भी पीछे हटना पड़ा।


इंटरनेट सेवा बंद की गई, बड़ी संख्या में फोर्स तैनात
अफवाह पर विराम लगाने के लिए तत्काल नेट सेवा बंद करने का आदेश दिया गया। इसके बाद चार जिलों की पुलिस, क्विक रिएक्शन टीम (क्यूटीआर), पुलिस लाइन और सीटीएस से प्रशिक्षु जवानों के अलावा अतिरिक्त पुलिस बल को बुलाना पड़ा। जिसके बाद स्थिति सामान्य हुई। डीएम आदेश तितरमारे और एसएसपी मनोज कुमार खुद पुलिस बल के साथ कैम्प कर रहे थे। आइजी और डीआइजी भी मौके पर मौजूद थे।  अतिरिक्त बल के आने पर स्थिति सामान्य हुई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। स्थिति सामान्य होने के बाद भी तनाव की स्थिति बनी हुई है।
दूसरे इलाके में भी हंगामा
मामला शांत होने के बाद कुछ युवक अचानक समूह में आए और थाना के बगल वाली गली में रहने वाले दूसरे पक्ष पर पथराव करने लगे, जिसके बाद थाने के सामने ही उपद्रव आरंभ हो गया। एक मोबाइल दुकान में आग लगा दी गई। बैग की दुकान को लूट लिया गया। बीस मिनट के बाद पुलिस जगी और उपद्रवियों को खदेड़ा। इसके बाद ये लोग पुलिस पर पथराव करने लगे। यहां भी पुलिस को भागना पड़ा।