यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 25, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar News ALERT: नवगछिया में मचा हाहाकार, गंगा का तटबंध 70 मीटर तक ध्वस्त... देर रात पहुंची इंजीनियरों की टीम, राहत-बचाव कार्य शुरू
Bihar News ALERT बिहार में गंगा एक बार फिर से उफान पर है। भागलपुर के नवगछिया में बुद्धू चक गांव ...और पढ़ें

संवाद सूत्र, नवगछिया। Bihar News गंगा का कहर एक बार फिर इस्माइलपुर बिनटोली तटबंध पर टूटा है। रविवार देर रात को इस्माइलपुर बिन टोली तटबंध के बुद्धू चक गांव के निकट मछली आरत के पास अचानक कटाव लग जाने से तटबंध की लंबाई में 60 से 70 मीटर तक ध्वस्त हो गया है। इस कटाव के कारण तटबंध का अधिकांश हिस्सा नदी में विलीन हो गया है। जल संसाधन विभाग की सूचना मिलने के बाद कार्यपालक अभियंता ई. गौतम कुमार, सहायक अभियंता अमितेश कुमार, कनीय अभियंता और गोपालपुर थाना अध्यक्ष मिथिलेश कुमार ने मौके पर पहुंचकर कटाव से बचाव के कार्य की शुरुआत की।
स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से बिजली विभाग को सूचित कर बिजली की आपूर्ति को रोक दिया गया, ताकि कटाव के क्षेत्र में कोई दुर्घटना न हो। इस कटाव के कारण बिजली का एक-दो पोल भी नदी में गिर गया है। अभियंताओं ने बंबू रोल और पेड़ की झाड़ी काटकर कटाव को रोकने का प्रयास किया।
हालांकि, कुछ ग्रामीणों ने कार्य की प्रगति को धीमा देखकर आक्रोश व्यक्त किया। मौके पर मौजूद सहायक अभियंता ने बताया कि तटबंध में 50 से 70 मीटर के बीच कटाव लगा है और हम इसे रोकने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नदी का बैक वाटर के कारण दबाव मछली आढ़त के समीप बना हुआ है। हम इस पर अलग-अलग जिओ बैग आदि डालकर कटाव को रोकने का प्रयास कर रहे हैं।
थाना अध्यक्ष ने स्थानीय लोगों को शांत करने का प्रयास किया और उन्हें ऊंचे स्थान पर जाने की सलाह दी। साथ ही, गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि होने की जानकारी भी दी गई है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और जल संसाधन विभाग के लिए एक चुनौती पेश की है। तटबंध की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
स्थानीय निवासियों की सुरक्षा और तटबंध की मजबूती के लिए सभी संबंधित विभागों को मिलकर कार्य करने की आवश्यकता है। इस प्रकार की घटनाएं न केवल स्थानीय निवासियों के लिए खतरा पैदा करती हैं, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक स्थिति पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं। इसलिए, प्रशासन को चाहिए कि वह तटबंध की स्थिति की नियमित निगरानी करे और आवश्यक सुधार कार्य समय पर करे, ताकि भविष्य में ऐसी समस्याओं का सामना न करना पड़े।
गंगा के जलस्तर में वृद्धि, जल संसाधन विभाग अलर्ट
आने वाले कुछ दिनों में गंगा नदी के जलस्तर में इस्माईलपुर-बिंद टोली में 80 सेंटीमीटर तक की भारी वृद्धि होने की संभावना के कारण जल संसाधन विभाग अलर्ट मोड में आ गया है। जानकारी के अनुसार फिलहाल गंगा नदी खतरे के निशान से 21 सेंटीमिटर ऊपर बह रही है। गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि की संभावना के कारण बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल कार्यालय नवगछिया द्वारा विभिन्न ठेकेदारों से सभी संवेदनशील स्परों व तटबंधों पर बम्बो राल व बालू भरी बोरियां के माध्यम से उन्हें दुरुस्त कराया जा रहा है।
स्पर संख्या आठ व नौ के बीच दो सौ मीटर में तटबंध के क्षतिग्रस्त भाग को फिलहाल रीस्टोर करा लिया गया है। लेकिन कई स्थानों पर रुक रुक कर कराये गये कार्य के नदी में समा जाने के कारण तत्काल बालू भरी बोरियां डलवाई जा रही हैं। स्पर संख्या छह एन स्थित कैंप कार्यालय में सहायक अभियंता इं. अमितेश कुमार ने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। वरीय अधिकारियों के निर्देश पर आपात स्थिति के लिये एक लाख पचास हजार बालू भरी बोरियों का भंडारण कराया जा रहा है। ताकि जलस्तर में वृद्धि होने पर तत्काल तटबंध व स्परों के बचाव का कार्य प्रारंभ करवाया जा सके।
कहलगांव में आज से गंगा के जलस्तर में वृद्धि की संभावना
कहलगांव में सोमवार से गंगा के जलस्तर में वृद्धि होने का अनुमान है। गंगा का जलस्तर वर्तमान में खतरे के निशान से 12 सेंटीमीटर ऊपर है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, सोमवार को संध्या छह बजे तक गंगा का जलस्तर 31 मीटर 21 सेंटीमीटर दर्ज किया गया। पिछले चार घंटों में जलस्तर में एक सेंटीमीटर की कमी आई है। हालांकि, सोमवार से जलस्तर में वृद्धि की संभावना है। गंगा का दियारा इलाका और चौर अभी भी जलमग्न हैं, जबकि अन्य स्थानों से बाढ़ का पानी निकल चुका है।
