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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 14, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Prashant Kishor: 'एक प्रशांत किशोर आए या 10, लेकिन एक बात दिमाग में रखिए...' पीके ने छोड़े झकझोरने वाले शब्द बाण

By Prabhat Kumar Jha Edited By: Sanjeev Kumar
Published: Sun, 14 Jan 2024 07:29 PM (IST)Updated: Sun, 14 Jan 2024 10:43 PM (IST)

Bihar Politics बिहार के प्रसिद्ध शहर बेगूसराय में प्रशांत किशोर अपनी पदयात्रा निकाल रहे हैं। इसी क्रम में वह बछवाड़ा ...और पढ़ें

बिहार के बेगूसराय के बछवाड़ा में प्रशांत किशोर ने लोगों को किया संबोधित (जागरण)
बिहार के बेगूसराय के बछवाड़ा में प्रशांत किशोर ने लोगों को किया संबोधित (जागरण)

HighLights

  1. प्रशांत किशोर आज बेगूसराय के बछवाड़ा में लोगों को संबोधित कर रहे थे।
  2. प्रशांत किशोर लोगों को समझाने के लिए अलग-अलग उदाहरण दे रहे हैं।

संवाद सूत्र, बछवाड़ा (बेगूसराय)। Bihar Political News in Hindi  : प्रखंड क्षेत्र के नारेपुर अयोध्या टोल ठाकुरबाड़ी मैदान में रविवार को जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने पदयात्रा के दौरान लोगों से संवाद की। उन्होंने कहा कि आपके वोट में बड़ी ताकत है। आप अपने वोट को नाली-गली, जाति पार्टी के आधार पर बर्बाद मत कीजिए। वोट का सदुपयोग कीजिए।

प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने  कहा कि आपके घर के जवान बच्चे जीवन भर रोजी-रोटी के लिए दूसरे राज्यों में रहते हैं। छठ, ईद, दिवाली, होली के मौके पर भी घर आने की शायद ही उन्हें छुट्टी मिलती है। मैं ये पदयात्रा कर रहा हूं, पैदल-पैदल गांव-गांव में जाकर लोगों को एक ही बात बता रहा हूं। कि बच्चों के भविष्य के साथ मत खेलिए।

एक प्रशांत किशोर आए या 10, वोट का महत्व समझना होगा: प्रशांत किशोर

प्रशांत किशोर ने कहा कि अभी से भी जागीये, अपने लिए नहीं, तो कम से कम अपने बच्चों के लिए। अपने बच्चों के लिए, शिक्षा एवं रोजगार के लिए वाेट दीजिए। उन्होंने कहा कि नाली, गली, जाति-धर्म के नाम पर वोट करते रहिएगा तो एक प्रशांत किशोर आए या 10, जिस गरीबी बदहाली में आपकी जिंदगी बीती है, उसी गरीबी बदहाली में आपके बच्चों को भी जीना पड़ेगा।

मोदी जी का 4 किलो भात खाकर बोरा भरकर वोट दे आते हैं: प्रशांत किशोर

इससे पहले प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार के आदमी को कुछ नहीं चाहिए। बात करने के लिए जात चाहिए और खाने के लिए 5 किलो भात चाहिए। तब लालू-नीतीश आपको जाति दे ही रहे हैं और मोदी जी तो खाने के लिए 4 किलो भात दे ही रहे हैं। बस इतना में ही आपलोग अपने बच्चे की चिंता छोड़कर बोरा भर कर वोट देने पहुंच जाते हैं। जान लीजिए ऐसे में आपके बच्चे का भला नहीं होगा। आपका जो अभी हाल है वही दुर्दशा आपके बच्चों का होगा।

दूसरे राज्य में जाकर आपके बच्चे गाली सुन रहे हैं: प्रशांत किशोर

प्रशांत किशोर ने कहा कि आपलोग गली-नाली, जात-पात पर वोट कर रहे हैं। इससे क्या मिला आपको। आपका बच्चा तो मजदूर बनकर बाहर ही जा रहा है और दूसरे राज्य में गाली सुनता है। कोई अनपढ़ तो कोई बेवकूफ कहता है। आप लोग वोट की कीमत समझिए। सही लोगों को चुनिए नहीं तो आने वाले समय में आपका बच्चा दूसरे राज्य में जाकर मजदूरी का ही काम करेगा।

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