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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 19, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bihar Teacher News: बेगूसराय में 281 शिक्षकों को नवंबर से नहीं मिला वेतन, सामने आई वजह; मचा हाहाकार

Published: Sun, 19 Jan 2025 03:52 PM (IST)

Bihar Teacher News प्रदेश के 281 मूल शिक्षकों का वेतन नवंबर 2024 से अबतक डीडीओ के अभाव में रुका हुआ ...और पढ़ें

बेगूसराय के 200 से ज्यादा शिक्षकों को नवंबर से नहीं मिला वेतन
बेगूसराय के 200 से ज्यादा शिक्षकों को नवंबर से नहीं मिला वेतन

HighLights

  1. शिक्षकों के वेतन भुगतान में देरी से बढ़ी परेशानी
  2. डीडीओ के अभाव में नवंबर 2024 से नहीं हुआ भुगतान

संवाद सूत्र, साहेबपुर कमाल (बेगूसराय)। साहेबपुर कमाल प्रखंड के एचएम सहित 281 मूल शिक्षकों का वेतन नवंबर 2024 से अब तक डीडीओ के अभाव में रुका हुआ है। इससे शिक्षकों में असंतोष देखा जा रहा है। इस संबंध में जानकारी देते हुए प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला संयुक्त सचिव सह पेंशनर संघ के प्रखंड सचिव रामाशीष पाठक ने वेतन भुगतान का अनुरोध किया है।

रामाशीष पाठक ने डीएम एवं शिक्षा विभाग के डीपीओ से आग्रह किया है कि साहेबपुर कमाल सहित बलिया एवं बछवाड़ा प्रखंड के मूल शिक्षकों के रुके हुए वेतन का भुगतान अविलंब करवाने की पहल की जाए।

जिला संयुक्त सचिव ने बताया कि प्रखंड के मध्य विद्यालय रेलवे, साहेबपुर कमाल के एचएम राम विलास कुमार एक मात्र डीडीओ के पद पर आसीन थे।

DPO हुए सेवानिवृत्त

उनके द्वारा प्रखंड के सभी पूर्व के मूल शिक्षक एवं शिक्षिकाओं सहित हाल में बीपीएससी के माध्यम से बने शिक्षकों के वेतन का भुगतान प्रतिमाह विभाग को उपस्थिति भेजी जाती थी।

वे 30 नवंबर 2024 को सेवानिवृत्त हो गए, इससे दिसंबर एवं जनवरी 2025 के वेतन भुगतान की प्रक्रिया अवरुद्ध हो गई।

इधर तत्कालीन डीपीओ बेगूसराय के स्थानांतरण के बाद नए डीपीओ ने पदभार तो ग्रहण किया, लेकिन साहेबपुर कमाल, बलिया एवं बछवाड़ा क्षेत्र के शिक्षक-शिक्षिकाओं के वेतन भुगतान के लिए नए डीडीओ का चार्ज नहीं दिया है। यही वजह है कि शिक्षकों के वेतन का भुगतान नहीं हो पा रहा है।

बगहा : राजकीय डिग्री कॉलेज बगहा में 22 शिक्षक भी हुए पदस्थापित

राजकीय डिग्री कॉलेज बगहा में अब सुविधा संसाधन उपलब्ध होना आरंभ हो गया है। पूर्व में 5000 छात्रों को पठन-पाठन के लिए मात्र चार-पांच ही शिक्षक उपलब्ध थे।

अब विभाग ने यहां कुल 22 शिक्षकों की पदस्थापना कर दी है। बच्चों को पठन-पाठन में सुविधा मिल रही है। सरकार द्वारा पिछड़े क्षेत्र में इस सरकारी कॉलेज में सुविधा संसाधन उपलब्ध करा रही है।

हाल ही में विभागीय पहल पर पूरे परिसर में मिट्टीकरण के साथ चहारदीवारी की गई है। आवागमन के लिए परेश प्रवेश द्वार से लेकर कॉलेज के प्रवेश द्वार तक पीसीसी सड़क का निर्माण किया गया है।

गुणवत्ता में कमी से आक्रोश

हालांकि, निर्माण में गुणवत्ता की कमी को लेकर छात्र उनके अभिभावकों में आक्रोश दिख रहा है। दर्जनों छात्रों ने बताया कि मानक के अनुसार ठेकेदार द्वारा नहीं किया जा रहा है। ठेकेदार और उसके कर्मियों की मनमानी है।

स्थानीय लोगों सहित अभिभावक व छात्रों ने निर्माण के गुणवत्ता की जांच पदाधिकारी सहित विभाग के वरीय अभियंताओं से की है। इतना ही नहीं कॉलेज के पांच छात्रों ने खेलकूद प्रतियोगिता में बगहा का नाम रोशन किया है।

राष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीत कर छात्रों ने दिखाया है कि सुदूर क्षेत्र आने के बावजूद सुविधा, संसाधन विहीन क्षेत्र में भी प्रतिभा की कमी नहीं है।

प्राचार्य ने बताया कि शीघ्र ही पांच को सम्मानित किया जाएगा। बता दें कि बगहा में आदिवासी, दलित, पिछड़ा वर्ग को देखते हुए सरकार ने बड़गांव में एक सरकारी डिग्री कॉलेज की स्थापना की है।

यहां के छात्र-छात्राओं को बाहर जाने से निजात मिली है। सभी संकाय की पठन-पाठन कराई जा रही है।

आदिवासी दलित और पिछड़े इलाके को देखते हुए वरीय अधिकारियों से वस्तु स्थिति से अवगत कराया था। चहारदीवारी ऊंचीकरण पीसीसी सड़क आदि का काम कराया जा रहा है। वर्तमान में शिक्षक भी पदस्थापित किए गए हैं। छात्र छात्रों को पठन-पाठन करने में आसानी होगी। कॉलेज को अपडेट करने के लिए लगातार प्रयास जारी है।

डॉ. संजीव कुमार राम, प्राचार्य,डिग्री कॉलेज बगहा।

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