बेगूसराय। काबर झील व पक्षी विहार जैसे राज्य के अनमोल झील-ताल-तलैयों की श्रृंखला से परिपूर्ण इस बड़े भूभाग में लगातार कभी बाढ़ तो कभी सुखाड़ की स्थिति अत्यंत ¨चताजनक है। यह काबर झील साफ एवं सुंदर जल का झील है। इसकी बनावट प्राकृतिक एवं बेहतरीन है। क्षेत्र भ्रमण के दौरान काबर के उजड़ने के दर्द को भोग रहे स्थानीय लोगों की सामाजिक दशा-दिशा ठीक नहीं है। इन गरीब मछुआरों व दलितों की दशा-दिशा में सरकार सुधार करें। इसके बिना काबर के विकास की बात बेमानी है। इलाके को पर्यटन व तीर्थाटन के शिखर पर स्थानीय लोगों के सहयोग से सरकार ले जा सकती है। उक्त बातें जल पुरुष के नाम से प्रसिद्ध राजेंद्र ¨सह ने काबर झील परिक्षेत्र व पक्षी विहार के निरीक्षण के बाद काबर में आयोजित जन संवाद बैठक को संबोधित करते हुए कहीं। उन्होंने कहा, काबर के बीच रहने वाले मूल निवासी लगभग 500 मछुआरों, दलितों व महादलितों को आवास, अपनी जमीन, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार तक ठीक से नहीं है। सरकार इनके शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, रोजगार व कम से कम पांच डिसमिल जमीन की गारंटी ले। जनसंवाद को संबोधित करते हुए जल पुरुष ने कहा, काबर के विकास के लिए काबर को दो भागों में बांट व पहुंचकर समझाना जरूरी है। स्थानीय कमेटी द्वारा काबर झील व इलाके के ताल-तलैयों, जलाशयों के संरक्षण-संवर्धन के लिए लगातार प्रयास किया जाएगा। यहां से जाते ही मुख्यमंत्री से बात कर काबर के विकास के लिए उनसे आग्रह किया जाएगा। वहीं स्थानीय लोगों से इसमें होने वाले सुधार के संबंध में राय ली। उन्होंने स्थानीय किसानों से भी बात कर काबर के विकास के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव का आदान प्रदान किया। वहीं इसके विकास का भरपूर सहयोग देने का आश्वासन दिया। जनसंवाद की अध्यक्षता स्थानीय महादलित महिला पवन देवी ने की। मौके पर रमेश कुमार, साइंस सोसायटी के निरंजन कुमार आदि मौजूद थे।

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