जदयू नेता की करंट से मौत, बांका में नंगे बिजली तार की चपेट में आए सज्जाद आलम, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
बांका के धोरैया प्रखंड के ताहिरपुर गांव में जदयू अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रखंड अध्यक्ष मो. सज्जाद आलम की खेत में ...और पढ़ें

मृतक सज्जाद आलम
HighLights
बांका में जदयू नेता मो. सज्जाद आलम की करंट से मौत।
खेत में धान जायजा लेते समय बिजली तार की चपेट में आए।
सात सदस्यीय परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे, परिवार बेसहारा।
संवाद सूत्र, धोरैया (बांका)। बांका जिले के धोरैया प्रखंड अंतर्गत ताहिरपुर गांव में शुक्रवार को एक अत्यंत हृदयविदारक घटना सामने आई है। जनता दल यूनाइटेड (जदयू) अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रखंड अध्यक्ष सह स्थानीय वार्ड सदस्य मो. सज्जाद आलम (40) की कैची बहियार स्थित खेत में बिजली के तार की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई।
वह शुक्रवार तड़के लगभग पांच बजे अपने खेत में लगी धान की फसल का जायजा लेने घर से निकले थे। इसी दौरान सिंचाई के लिए बांस के खंभे के सहारे ले जाए गए जर्जर व बिना कवर वाले नंगे बिजली तार की चपेट में आ गए और घटनास्थल पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
बांका जिले के धोरैया प्रखंड अंतर्गत ताहिरपुर निवासी जदयू अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रखंड अध्यक्ष व वार्ड सदस्य मो. सज्जाद आलम (40) की करंट लगने से मौत
शुक्रवार तड़के 5 बजे कैची बहियार स्थित खेत में धान की फसल देखने गए थे; बांस पर लटके बिना कवर वाले बिजली तार की चपेट में आने से हुआ हादसा
दोपहर में जुमे की नमाज के बाद खेत की ओर गए ग्रामीणों ने देखा शव; मृतक अपने परिवार के 7 सदस्यों के भरण-पोषण के एकमात्र सहारा थे
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल बांका भेजा; युवा जदयू प्रदेश महासचिव आलोक कुमार समेत नेताओं ने जताया शोक
सुबह देर तक जब सज्जाद घर वापस नहीं लौटे तो चिंतित स्वजनों ने सहयोगियों से संपर्क साधा, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी। दोपहर में जुमे की नमाज अदा करने के बाद जब ग्रामीण खेतों की तरफ गए, तो कैची बहियार में उनका शव पड़ा देखा।
जुमे की नमाज के बाद मिला शव, 7 सदस्यों वाले परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
सज्जाद आलम की मौत की खबर फैलते ही पूरे ताहिरपुर गांव में चीख-पुकार मच गई और घटनास्थल पर सैकड़ों ग्रामीणों का जमावड़ा लग गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, बांका भेज दिया।
मृतक अपने सात सदस्यीय परिवार के भरण-पोषण के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके परिवार में पत्नी जहांआरा, बेटा शहादत, बेटियां शबनम व समा आरा, वृद्ध मां और एक अविवाहित बहन हैं।
सिर से पिता और भाई का साया उठ जाने से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सज्जाद के कंधों पर बहन की शादी की भी बड़ी जिम्मेदारी थी, लेकिन इस दुखद हादसे ने पूरे परिवार को बेसहारा कर दिया है।
जदयू नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने जताया शोक, मुआवजे की मांग
हादसे की जानकारी मिलते ही युवा जदयू के प्रदेश महासचिव आलोक कुमार, प्रखंड अध्यक्ष ग्यास खान, उपाध्यक्ष उमेशचंद्र रजक, मुखिया ग्यास खान और पवन कुमार सिंह सहित कई स्थानीय नेताओं व जनप्रतिनिधियों ने पीड़ित परिवार के आवास पहुंचकर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।
नेताओं ने बिजली विभाग की लापरवाही पर रोष व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन एवं राज्य सरकार से मांग की कि आपदा राहत कोष एवं बिजली विभाग के नियमों के तहत पीड़ित परिवार को तत्काल अनुग्रह राशि (सरकारी सहायता) उपलब्ध कराई जाए ताकि बेसहारा हुए बच्चों और वृद्ध मां का संबल बना रहे।
"मो. सज्जाद आलम एक समर्पित जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता थे। बिजली के जर्जर तार की वजह से हुई यह दुखद घटना अत्यंत पीड़ादायक है। प्रशासन से मांग है कि पीड़ित परिवार को अविलंब सरकारी मुआवजा राशि उपलब्ध कराई जाए और दोषी बिजली अधिकारियों पर कार्रवाई हो।"
