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    Upendra Kushwaha: काराकाट में क्यों हारे उपेंद्र कुशवाहा? पूर्व सांसद ने बता दी अंदर की बात; गिनवा दी गलतियां

    Updated: Sat, 20 Jul 2024 05:22 PM (IST)

    Bihar Politics उपेंद्र कुशवाहा को एनडीए की तरफ से राज्यसभा का टिकट मिल गया है लेकिन काराकाट में उनकी हार की चर्चा अभी भी जोरों पर है। उपेंद्र कुशवाहा अपनी किन गलतियों की वजह से चुनाव हारे इसके बारे में इसी सीट से पूर्व सांसद और जेडीयू नेता ने अंदर की बात बता दी। पूर्व जेडीयू सांसद ने कई गलतियां गिनवा दीं।

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    उपेंद्र कुशवाहा की हार की चर्चा जोरों पर (जागरण)

    संवाद सहयोगी, दाउदनगर (औरंगाबाद)। Bihar Political News Today: देश स्तर पर लोकसभा चुनाव में सुर्खियों में रही काराकाट सीट को लेकर चर्चा अभी भी जारी है। उपेंद्र कुशवाहा (Upendra Kushwaha) की हार के साथ-साथ पवन सिंह का फैक्टर भी चर्चा में है।

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    काराकाट सीट से 2019 में रहे सांसद महाबली सिंह ने उपेंद्र कुशवाहा का  नाम लिए बिना कई गलतियां गिनवा दीं। महाबली सिंह का कहना है कि जनता ने विरोध दर्ज कराया था और अपनी मांग रखी थी कि किसी भी सूरत में यहां उनको टिकट न दिया जाए। लेकिन इस मांग को नहीं माना गया।

    काराकाट में हार की दूर-दूर तक संभावना नहीं थी

    महाबली सिंह ने किसी का बिना नाम लिए कहा कि यहां से टिकट मिला और एनडीए को एक सीट का यहां नुकसान हुआ। जबकि यह एनडीए का गढ़ है। यहां हार की दूर-दूर तक संभावना कभी नहीं रही है। हालांकि महाबली सिंह ने उपेंद्र कुशवाहा का नाम नहीं लिया।

    महाबली सिंह यहां से 2 बार सांसद रहे

    ये काराकाट लोकसभा क्षेत्र से 2009 और 2019 में सांसद रहे हैं। वर्ष 2019 में उपेंद्र कुशवाहा को हराया था। तब उपेंद्र कुशवाहा महागठबंधन से प्रत्याशी थे। उनका नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि बार-बार राजनीतिक निष्ठाएं बदलने से जनता ने खारिज कर दिया। कभी इस दल में कभी उसे दल में, कभी इस नेता के साथ कभी उसे नेता के साथ जाने वाले को जनता ने खारिज कर दिया।

    मैं इलाके के विकास के लिए काम करता रहूंगा

    उन्होंने कहा कि वह अब सांसद नहीं हैं, लेकिन इलाके के विकास के लिए वह लगातार प्रयास करते रहेंगे। जितना संभव हो सकेगा वह इलाके के विकास का काम करेंगे। इलाके में उनकी उपस्थिति बनी रहेगी। दाउदनगर नासरीगंज सोन पुल के निर्माण और डालमिया नगर रेल कारखाना को लेकर कई तरह की राजनीतिक चर्चाएं होती रही है।

    इससे जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि पुल निर्माण के लिए तीन बार उन्होंने संसद में सवाल उठाया। डालमियानगर रेल कारखाना के लिए भी उच्च स्तर पर बात की। बतौर सांसद वे जितना कर सकते थे उन्होंने किया। अब कोई श्रेय ले तो और बात है। डा. अरविंद सिंह से भेंट कर वे सिंचाई विभाग के आईबी में प्रेस से बात कर रहे थे। उनके साथ अश्विनी तिवारी, दीपक पटेल, संजय पटेल, पप्पू गुप्ता उपस्थित थे।

    ओबरा से विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे

    लोकसभा चुनाव में जदयू ने टिकट नहीं दिया, क्योंकि काराकाट सीट राष्ट्रीय लोक मोर्चा को चला गया था। तो क्या महाबली सिंह अब ओबरा से विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। इस प्रश्न के जवाब में सीधा उन्होंने कहा कि अगर पार्टी हमसे राय लेगी तो हम कहेंगे कि नहीं। विधानसभा का चुनाव ओबरा से नहीं लड़ेंगे। पार्टी का अधिकार है वह जहां से चाहेगी वहां से चुनाव लड़ा सकती है।

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