औरंगाबाद की मोनिका श्रीवास्तव ने UPSC में लहराया परचम, ऑल इंडिया 16वां रैंक मिला
औरंगाबाद की मोनिका श्रीवास्तव ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 16वीं रैंक हासिल कर शहर का नाम रोशन किया ...और पढ़ें

औरंगाबाद की मोनिका श्रीवास्तव को 16वां रैंक हासिल हुआ है।
HighLights
मोनिका श्रीवास्तव को यूपीएससी में 16वीं ऑल इंडिया रैंक मिली।
औरंगाबाद की मोनिका ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 में परचम लहराया।
कुल 958 उम्मीदवार हुए सफल, अनुज अग्निहोत्री टॉपर बने।
सनोज पांडेय, औरंगाबाद। औरंगाबाद की बेटी मोनिका श्रीवास्तव ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में 16वां स्थान प्राप्त कर अपने परिवार, समाज और जिले का नाम गौरवान्वित किया है। मोनिका शहर के सत्येंद्र नगर निवासी ई. ब्रजेश कुमार श्रीवास्तव एवं मां भारती श्रीवास्तव की पुत्री हैं।
पिता जिला परिषद में सहायक अभियंता के पद पर कार्यरत हैं। ग्रामीण कार्य विभाग से सेवानिवृत्त होने के बाद जिला परिषद में कार्यरत हैं। मोनिका की प्रारंभिक शिक्षा औरंगाबाद शहर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर और डीएवी पब्लिक स्कूल से हुई। वह पहले आईआईटी की प्रवेश परीक्षा में बिहार टॉपर बनी।
वर्ष 2022 में बीपीएससी में छठा स्थान प्राप्त कर प्रशासनिक सेवा में प्रवेश, उसके बाद वर्ष 2024 में यूपीएससी परीक्षा में पहली बार में सफलता प्राप्त कर 455 रैंक लाई। वर्तमान में वह भारतीय रेलवे सेवा के अंतर्गत अंडर ट्रेनिंग अधिकारी के रूप में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं हैं।
ट्रेनिंग के साथ यूपीएससी की तैयारी कर रही थी। दूसरी बार में शानदार प्रदर्शन करते हुए आल इंडिया में 16वां रैंक हासिल किया है।

पिता ई. बीके श्रीवास्तव ने बताया कि सबसे छोटी पुत्री मोनिका बचपन से असाधारण प्रतिभा की धनी रही हैं। पढ़ाई के प्रति उसकी लगन का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि 10वीं और 12वीं की परीक्षा में राज्य स्तर पर बेहतर स्थान प्राप्त किया था।
इसके बाद वर्ष 2016 में आईआईटी गुवाहाटी से कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। आईआईटी से पढ़ाई पूरी करने के बाद मोनिका ने कई प्रतिष्ठित ग्लोबल कंपनियों में काम किया, लेकिन मन में समाज और देश के लिए कुछ बड़ा करने का सपना हमेशा जीवित रहा।
इसी सपने ने उन्हें कॉरपोरेट कैरियर छोड़ प्रशासनिक सेवा की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। मोनिका अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और परिवार के समर्थन को देती है।
औरंगाबाद से शुक्रवार को दिल्ली जा रही मोनिका ने बताया कि माता-पिता ने हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। शिक्षा के महत्व को समझाया। उनके पिता का सपना था कि उनकी बेटी अधिकारी बने और समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद लोगों के लिए काम करे। यही सपना उनके जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा बन गया। कंप्यूटर साइंस से बी-टेक करने के बाद यूपीएससी में अर्थशास्त्र लेकर पढ़ाई की।
मोनिका की उपलब्धि से औरंगाबाद में खुशी के साथ गर्व का माहौल है। जिले के बुद्धिजीवियों, शिक्षाविदों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। मोनिका की सफलता की कहानी उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है, जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का साहस रखते हैं।
