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    Bihar Politics: कुशवाहा की कुशवाहा से भिड़ंत, इस लोकसभा सीट पर दिलचस्प होगी सियासी 'जंग'

    Updated: Fri, 22 Mar 2024 06:12 PM (IST)

    2008 के परिसीमन के समय काराकाट वजूद में आया और 2009 2014 और 2019 में हुए चुनाव में जीत कुशवाहा जाति के नेताओं की हुई। 2009 में राजद के डॉ. कांति सिंह को जदयू के महाबली सिंह ने हराया तो 2014 के चुनाव में राजग का गठबंधन की तरफ से रालोसपा के प्रत्याशी बने उपेंद्र कुशवाहा ने जीत दर्ज की और तब राजद की डॉ. कांति सिंह चुनाव हार गईं।

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    कुशवाहा की कुशवाहा से भिड़ंत, इस लोकसभा सीट पर दिलचस्प होगी सियासी 'जंग' (फाइल फोटो)

    उपेंद्र कश्यप, दाउदनगर (औरंगाबाद)। जब से काराकाट लोकसभा क्षेत्र अस्तित्व में आया है तब से सभी चुनाव में कुशवाहा की जीत हुई है जिस कारण अब इस क्षेत्र को 'कुशवाहा लैंड' कहा जाने लगा है। लोकसभा चुनाव में एक बार फिर कुशवाहा प्रत्याशियों के बीच भिड़ंत होगी।

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    अभी तक जिन प्रत्याशियों के नाम स्पष्ट हो चुके हैं उससे यह साफ है कि एनडीए और इंडी दोनों ही गठबंधन के प्रत्याशी कुशवाहा जाति से हैं। दोनों ही गठबंधनों के बीच सीधी टक्कर की संभावना है, क्योंकि इतिहास यही बता रहा है।

    भाजपा नीत राजग के गठबंधन ने राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा को काराकाट से प्रत्याशी बनाया है। जबकि इंडी गठबंधन से भाकपा माले के नेता राजाराम सिंह प्रत्याशी हो सकते हैं।

    2009 से 2019 तक क्या हुआ?

    2008 के परिसीमन के समय काराकाट वजूद में आया और 2009, 2014 और 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में जीत कुशवाहा जाति के नेताओं की हुई। 2009 में राजद के डॉ. कांति सिंह को जदयू के महाबली सिंह ने हराया तो 2014 के चुनाव में राजग का गठबंधन की तरफ से रालोसपा के प्रत्याशी बने उपेंद्र कुशवाहा ने जीत दर्ज की और तब राजद की डॉ. कांति सिंह चुनाव हार गईं।

    जदयू के महाबली सिंह तीसरे स्थान पर थे जबकि कुशवाहा जाति के भाकपा माले से प्रत्याशी राजाराम सिंह पांचवे स्थान पर थे। इनसे अधिक मत बसपा प्रत्याशी संजय केवट लाने में सफल रहे थे। 2019 में जब चुनाव हुआ तो राजग की तरफ से जदयू प्रत्याशी महाबली सिंह ने तत्कालीन महागठबंधन का हिस्सा रहे राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के उपेंद्र कुशवाहा को हराया।

    राजाराम सिंह का प्रदर्शन तीनों ही चुनाव में खराब रहा है। जब तीनों दल भाजपा, जदयू व राजद अलग-अलग थे तब भी महाबली से खराब प्रदर्शन राजाराम का रहा है। तीनों चुनाव में राजाराम सिंह अपनी जमानत तक नहीं बचा सके हैं। अब इस बार आमने-सामने की टक्कर में माना जा रहा है कि पूर्व की अपेक्षा राजाराम सिंह का प्रदर्शन बेहतर होना तय है।

    आम चुनाव 2019 में प्रदर्शन

    प्रत्याशी- पार्टी- प्राप्त मत- वोट प्रतिशत

    • महाबली सिंह - जदयू - 3,98,408 - 45.86
    • उपेंद्र कुशवाहा - रालोसपा - 3,13,866 - 36.13
    • राजाराम सिंह - भाकपा माले- 24,932 - 2.87

    वर्ष 2014 में प्रदर्शन

    • उपेंद्र कुशवाहा - रालोसपा - 3,38,892 - 39.01
    • महाबली सिंह - जदयू - 76,709 - 8.83
    • संजय केवट - बसपा - 45,503 - 5.24
    • राजा राम सिंह - भाकपा माले - 32,686 - 3.76

    2009 में प्रदर्शन

    • महाबली सिंह - जदयू - 1,96,946 - 20,483
    • राजाराम सिंह - भाकपा माले - 37,493 - 4.32

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