संवाद सूत्र, गोह (औरंगाबाद) : संज्ञा समिति के द्वारा एक दिवसीय त्रिकोण सूर्य रथयात्रा रविवार को भानू सप्तमी को ऐतिहासिक उदयाचलगामी सूर्य मंदिर उमगा से प्रारंभ हुआ। उमगा से देव-देवकुंड होते हुए पुन: उदयाचलगामी उमगा पहुंचकर सूर्य यात्रा का समापन किया गया। सूर्य रथयात्रा का शुभारंभ संज्ञा समिति के अध्यक्ष जगनारायण पाठक, सचिव विनोद कुमार पांडेय के नेतृत्व में उमगा सूर्य मंदिर में भगवान भास्कर को वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ किया गया। सुशोभित रथ पर भगवान भास्कर के साथ बाबा दुधेश्वर नाथ का मनोरम ²श्य लगाया गया था। बैंड बाजा के साथ रथ सबसे आगे और उसके पीछे श्रद्धालुओं से भरे बस, उसके पीछे बाइक पर सवार श्रद्धालुओं ने उमगा से होते हुए देव पहुंचे जहां देववासियों ने संज्ञा समिति के सदस्यों का भरपूर स्वागत किया। औरंगाबाद, ओबरा, दाउदनगर होते हुए पचरुखिया, हसपुरा में लोगो ने स्वागत की। रथ यात्रा देवकुंड लगभग दो बजे अपराह्न पहुंची। रथ यात्रा में पहुंचे संज्ञा समिति के सदस्यों ने सर्वप्रथम बाबा दूधेश्वरनाथ के मंदिर में पहुंचकर विधिवत पूजा अर्चना किया। तत्पश्चात मठ में जाकर पांच हजार वर्षों पुराना अग्नि कुंड का दर्शन की। भव्य भंडारा का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने महाप्रसद ग्रहण किया। संज्ञा समिति के सदस्यों देवकुंड स्थित गोशाला में पहुंचकर गो पूजन किया।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप