औरंगाबाद नहर में पानी छोड़े जाने के बाद तटबंध में रिसाव से बंद कर दी गई पानी, बिचड़ा तैयार और नहर दे रहा धोखा
किसानों के खेतों में 40 दिनों से ऊपर के धान का बिचड़ा तैयार हो चुका है। प्रखंड में अब तक उत्तर कोयल नहर के पानी से धान रोपनी शुरू नहीं हो सकी है। कुछ किसान मोटर पंप के सहारे धान की रोपनी कर रहे हैं। पर्याप्त वर्षा नहीं हो रही है।

संवाद सूत्र, अंबा, (औरंगाबाद)। धान रोपने का नक्षत्र है। आषाढ़ महीना समाप्त होनेवाला है। गुरूवार से सावन की शुरूआत हो गई है। किसानों के खेतों में 40 दिनों से ऊपर के धान का बिचड़ा तैयार हो चुका है। प्रखंड में अब तक उत्तर कोयल नहर के पानी से धान रोपनी शुरू नहीं हो सकी है। कुछ किसान मोटर पंप के सहारे धान की रोपनी कर रहे हैं। पर्याप्त वर्षा नहीं हो रही है।
बिचड़ा अधिक दिन का हो रहा है जिससे किसान चितिंत हो रहे हैं। उत्तर कोयल नहर का संचालन करना विभाग के लिए अब तक चुनौती बनी है। समय सीमा के अंदर का रेगुलर गेट के अधूरे कार्य पूर्ण न होने से जल संसाधन विभाग को नहर संचालन कराने में परेशानी आ रही है। जानकारी अनुसार 24 जून को बराज का गेट आन कर राइट साइड मेन कैनाल में टेस्टिंग के लिए 300 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। लगभग 17 दिन बीतने को है अभी तक टेस्टिंग पूरी नहीं हुई है।
इसका मुख्य कारण है क्रास गेट नंबर पूरा होना। इस बीच नहर का संचालन बंद कर दिया गया था। इसके बाद पांच जुलाई को विधिवत पूजा करके नहर का संचालन शुरू किया गया था। रविवार से सोमवार तक 350 क्यूसेक, मंगलवार को 450 क्यूसेक और बुधवार को 1100 क्यूसेक पानी बराज से मुख्य नहर में छोड़ा गया था। नहर का जल प्रवाह तेज होने से नबीनगर डिवीजन में तटबंध लिकेज की संभावना प्रबल हो गई।
ऐसे में मुख्य नहर का तटबंध सुरक्षित रखने के लिए बराज का गेट डाउन कर नहर का डिस्चार्य कम कर दिया गया। जानकारी अनुसार मुख्य नहर में 107 व 124 आरडी के समीप तीन जुलाई को क्रास रेगुलेटर गेट लगा दिया गया पर अभी तक कंप्लीट नही है। यहीं नहीं नहर के संचालन के क्रम में 116 व 144 आरडी के आसपास तटबंध लिकेज करने लगता है।
स्थानीय अधिकारी बताते है कि लाइनिंग के दौरान अधूरे रह गए तटबंधों में बारिश से कटाव हो रहा है। सुरक्षा के ख्याल से साइड में बोल्डर लगा दिया गया है। प्रखंड के किसान कौशल कुमार, विजय सिंह, संजय सिंह, तुरता के अंकित कुमार का कहना है कि नहर का कार्य करा रही वाप्कोस कंपनी को खेती, गृहस्थी व किसानों से कोई संबंध नहीं दिख रहा है।
किसानों ने कोयल नहर के अनवरत संचालन कराने की मांग की है। जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता अर्जुन प्रसाद सिंह ने बताया कि किसान वर्तमान समय धैर्य रखें। धान की रोपाई करने के लिए शीघ्र नहर से पानी मिलेगा। सभी संरचना को दुरुस्त कर लिया गया है। किसान की परेशानी को विभाग समझ रहा है। किसान को फसल लगाने में जो भी सहयोग चाहिए वो दिया जाएगा।
उत्तर कोयल नहर से रफीगंज के किसानों को नहीं मिलता पानी
उत्तर कोयल नहर का पानी रफीगंज प्रखंड कि किसानों के खेतों तक नहीं पहुंचता है। नहर के अधूरे कार्य को पूरा कराने की मांग को लेकर रफीगंज में किसान मजदूर मोर्चा के बैनर तले किसानों ने जन आक्रोश मार्च निकाला। प्रखंड मुख्यालय में आम सभा कर समारोह को संबोधित किया गया। काराकाट सांसद राजाराम सिंह ने कहा कि उत्तर कोयल नहर का मुद्दा लोकसभा में उठाई जाएगी।
कहा कि वर्तमान सरकार किसानों की बातों को अनदेखी कर रही है। लेकिन हमलोग इसे मजबूती से उठाने का काम करेंगे। किसानों को एकजुट कर इस लड़ाई को तेज करेंगे। कहा कि फल्गु नदी में मृत आत्माओं के तर्पण के लिए पानी की व्यवस्था सरकार द्वारा की गई। लेकिन जीवित लोगों के लिए सरकार द्वारा पानी की व्यवस्था नहीं की जा रही है।
सांसद ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसी की बात सुनने वाली नहीं है। सभा की अध्यक्षता लड्डू खान एवं तुलसी यादव ने किया। संचालन सिद्धी यादव एवं शिवनंदन यादव ने किया। उपस्थित किसानों ने मांग किया कि उत्तर कोयल नहर के अधूरे कार्य जब तक पूरा नहीं होगा तब तक अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।
रेल एवं सड़क जाम किया जाएगा। सत्येंद्र यादव, गौतम कुमार, गया दास, शगुफ्ता यासमीन,अजीम खां, डा.जीतेंद्र यादव, वीरेंद्र यादव, डा. अखिलेश कुमार, चंद्रशेखर प्रसाद यादव समेत अन्य उपस्थित रहे।
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