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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 05, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Bihar Land Registry: रजिस्ट्री की इस एक शर्त ने बिगाड़ा दलालों का 'खेल', अब सिर्फ यही लोग बेच सकेंगे अपनी जमीन

Published: Tue, 05 Mar 2024 06:38 PM (IST)

अरवल जिले में भू माफिया और दलाल का बडा सिंडिकेट चल रहा है और इस पर प्रशासन का भी नियंत्रण ...और पढ़ें

भू-माफिया पर प्रशासन का शिकंजा! (फाइल फोटो)
भू-माफिया पर प्रशासन का शिकंजा! (फाइल फोटो)

HighLights

  1. जमीन निबंधन की नई नियमावली से जिले में भू माफिया और दलालों के सिंडिकेट को झटका
  2. रजिस्ट्री कराने वालों की संख्या घटी, निबंधन के लिए अब अंचल और हल्का स्तर पर लग रहा शिविर
  3. 14 दिन में मात्र 59 जमीन की खरीद-बिक्री, पहले प्रतिदिन 20 रजिस्ट्री

जागरण संवाददाता, अरवल। Bihar Land News: पूरे जिले में भू माफिया और दलाल का बडा सिंडिकेट चल रहा है, जिस पर प्रशासन का भी नियंत्रण नहीं है। जिले में प्रॉपर्टी डीलर ना तो निबंधित हैं और न ही उन्हें जमीन की खरीद-बिक्री का लाइसेंस प्राप्त है।

फिर भी बैनर लगाकर खुलेआम जमीन की खरीद बिक्री कर रहे हैं। जमीन निबंधन की नई नियमावली लागू होने पर ऐसे दलालों की दुकान बंद होने लगी है। अब जिसके नाम से जमीन की जमाबंदी कायम होगी एवं रजिस्टर टू में नाम दर्ज होगा, वही जमीन बेच सकेंगे।

कार्यालय में पसरा रहा सन्नाटा

नए नियम के बाद निबंधन कार्यालय में सन्नाटा पसर गया है। पहले जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए अंचल कार्यालयों में लंबी कतार लगी रहती थी। जमीन की जमाबंदी कायम कराने के लिए दलाल अंचल से लेकर हल्का कर्मचारी तक चक्कर लगाते रहते थे।

दरअसल, पहले जमाबंदी कायम हुए बिना भी दलालों के साठगांठ से दूसरों की जमीन बेच दी जाती थी। अब इसपर नकेल कसा है। इस वजह से भूमि विवाद में कमी आएगी। न्यायालय का भी बोझ कम होगा। लोगों की जमीन भी सुरक्षित रहेगी। अब निबंधन से पहले जमीन के सभी कागजात सही किये जाएंगे। इसके लिए अंचल स्तर और हल्का स्तर पर शिविर का आयोजन किया जा रहा है।

फरवरी माह तक 26 करोड़ 78 लाख की राजस्व प्राप्ति

जिला निबंधन कार्यालय के प्रधान लिपिक गुरु चरण ने बताया कि नए नियम आने से पहले प्रतिदिन 20 से अधिक रजिस्ट्री होती थी। लेकिन अभी तीन से चार रजिस्ट्री ही हो रही है। नए नियम लागू होने के बाद आज तक 59 लोग ही रजिस्ट्री करने पहुंचे हैं।

जिले का सालाना लक्ष्य 35 करोड़ 13 लाख है, जिसमें फरवरी माह तक 26 करोड़ 78 लाख की राजस्व की प्राप्ति हो चुकी है। नए नियम लागू होने से निबंधन करने वाले की संख्या घटी है।

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