ऑक्सीटोसिन का उपयोग करने से पशु-पक्षी व मानव जीवन को है खतरा
- ऑक्सी-टॉक्सीन दवा पर है प्रतिबंध चोरी छिपे हो रही बिक्री - अधिक दूध उत्पादन के लिए ह

- ऑक्सी-टॉक्सीन दवा पर है प्रतिबंध, चोरी छिपे हो रही बिक्री
- अधिक दूध उत्पादन के लिए होता है उपयोग
- फसलों व सब्जियों के पैदावार बढ़ाने में भी होता प्रयोग
जागरण संवादाता, अररिया :
ऑक्सी-टॉक्सीन नामक दवा की बिक्री पर प्रतिबंध है। बावजूद जिले में इसका धड़ल्ले से प्रयोग हो रहा है। इस दवा के उपयोग से न सिर्फ मानव जीवन पर खतरा है बल्कि पशु पक्षियों के लिए भी नुकसान दायक है। जिसकारण सरकार ने इस दवा पर प्रतिबंध लगा दी है। मेडिकल स्टोर पर इस दवा की ब्रिकी पर रोक है। दुधारू पशुओं में दूध उत्पादन बढ़ाने और फसलों व सब्जियों के पैदावार को बढ़ाने के लिए कुछ लोग गुप्त तरीके ऑक्सी-टॉक्सीन दवा का उपयोग करते हैं, जिसपर पर रोक लगाने के लिए ठोस प्रयास की जरूरत है।
हो सकते हैं बांझपान व नपुंसकता का शिकार:
जिला पशु पालन पदाधिकारी डॉ. फिरोज अख्तर बताते हैं कि ऑक्सीटॉसिन दवा के बिक्री व उपयोग पर रोक है। ऑक्सीटॉसिन का उपयोग कर दूध उत्पादन करने पर न सिर्फ उस पशु के स्वास्थ्य पर प्रतिकुल असर पड़ेगा बल्कि उस दूध का उपयोग करने वाले नपुंसकता, बांझपन के अलावे अन्य गंभीर बीमारी के शिकार हो सकते हैं। इतना ही नहीं जिस पशु पर ऑक्सीटॉसिन दवा का उपयोग किया जाता और उस पशु की मौत हो जाती है तो उसका मांस यदि दूसरा पशु पक्षी अपने अहार के रूप में उपयोग करते तो मांस खाने वाले पशु पक्षी भी गंभीर बीमारी का शिकार हो जाएगा।
किन मामले में होता अधिक प्रयोग :
जानकार बताते हैं कि अधिक मुनाफा कमाने के लिए दूध देने वाली गाय या भैंस में दूध का अधिक उत्पादन के लिए ऑक्सी-टॉक्सीन नामक दवा का गुप्त तरीके से उपयोग किया जाता है। सब्जी उत्पादक में भी कुछ लालची टाइप के लोग उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए सब्जी की फसलों पर इसका प्रयोग कर रहे हैं। जबकि फल, सब्जियां व दूध में प्रयोग होने वाली इस दवा के इस्तेमाल पर रोक है।
खूब हो रही बिक्री विभाग अनजान :
सूत्रों की मानें तो ऑक्सीटोसिन दवा ग्रामीण क्षेत्रों में आसानी से उपलब्ध होने लगा है वह चाहे दूध विक्रेता हो या सब्जी उत्पादक किसान उनके लिए इसे खरीदना सरल हो गया है। लेकिन इन सब बातों से विभाग अनजान बना हुआ है। इस दवा का उपयोग से सब्जियों का आकार व उसकी चमक बढ़ जाती है इस आकार से सब्जी विक्रेता को मोटा मुनाफा मिलता है। ग्राहकों को मालूम नहीं कि वह सब्जी नहीं वह जहर खरीदकर ले जा रहा है।
जहर से कम नहीं :
महिला रोग विशेषज्ञ डा. नूर जहां बताती हे कि पशुओं को ऑक्सी-टॉक्सीन देकर निकाला जाने वाला दूध किसी जहर से कम नहीं है। इस इंजेक्शन के इस्तेमाल से दूध पूरी तरह सुरक्षित नहीं रह जाता। इसके सेवन से शरीर का अंग प्रभावित होता है। ऑक्सी-टॉक्सीन एक हार्मोन है जो स्तनधारी जीवों में पाया जाता है। इसके इस्तेमाल से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो सकती है। अब इसे गर्भवती महिलाओं के प्रसव काल में भी इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। उसकी जगह पर दूसरी दवा दी जा रही है।
कोट-
ऑक्सीटॉसिन दवा के बिक्री पर प्रतिबंध है। यदि कहीं चोरी छिपे इसकी बिक्री की जाती है और इस दवा का उपयोग करते पकड़े जाते हैं तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाती है। हालांकि जिले में ऐसे एक भी शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. फिरोज अख्तर, जिला पशु पालन पदाधिकारी अररिया।
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