जल और वायु प्रदूषण से लोगों की सेहत पर पड़ रहा असर
अररिया। हवा और जल में लगातार बढ़ रहे प्रदूषण से लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने
अररिया। हवा और जल में लगातार बढ़ रहे प्रदूषण से लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने लगा है । प्रदूषण से प्राकृतिक संपदा सहित मानव जीवन पर खतरा बढ़ गया है । मुख्य रूप से वायु और जल प्रदूषण का असर अब साफ दिखने लगा है। वायु प्रदूषण सांस से जुड़ी बीमारियों के मरीजों के लिए जानलेवा बन गया है । डॉक्टर आशुतोष कुमार के अनुसार धुंध में मिले धूलकण सामान्य लोगों के लिए भी परेशानी का कारण है ,इससे निमोनिया,गले में संक्रमण, खांसी, •ाुकाम, आदि बीमारियां सामान्य रूप से हो रही है। लेकिन अस्थमा के रोगियों के लिए यह जानलेवा है । प्रदूषण की वजह से बुजुर्ग मरीजों के लिए हमेशा खतरा बना रहता है अचानक सांस फूलना,तेज खांसी,नाक व आंखों से लगातार पानी बहना अस्थमा के लक्षण हैं। ध्वनि प्रदूषण के कारण तनाव के साथ ही हृदय रोगों के साथ बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है । फारबिसगंज में जल प्रदूषण के कारण लोगों में उदर रोग और कब्ज की समस्या लगातार बढ़ रही है ।
जल प्रदूषण बन रहा है घातक:-
नदियों के जल प्रदूषित होने का मुख्य कारण लगातार रासायनिक खादों का बढ़ता प्रयोग है। खेतों में उपयोग होने वाले रासायनिक खाद वर्षा पात वह अन्य माध्यमों से नदियों तक पहुंच रहे हैं जिस कारण जलीय जन्तु लगातार विलुप्त होने के कगार पर है । पहले नदियों में छोटी-छोटी सैकड़ों मछलियां मिलती थी जो अब लुप्त हो गई है । प्रदूषित पानी से चर्मरोग की संभावना प्रबल होती है। इस के साथ ही कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियों का कारण बन रहा है।
ध्वनि प्रदूषण से भी है खतरा:-
45 डेसीबल से अधिक ध्वनि मानव स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है । दिन में 45 डेसीबल और रात में 35 डेसीबल तक ही ध्वनि मानव के लिए सही है । आज कल डीजे और लगातार बजते ध्वनि विस्तारक यंत्रों का लोगों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है । इस से बहरापन और चिड़चिड़ापन की समस्या बढ़ गई है ।
-चिकित्सक की सलाह
रेफरल प्रभारी विजय कुमार के अनुसार प्रदूषण के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है । लोगों में उदर, त्वचा संबंधी रोगों की संभावना बढ़ी है चिड़चिड़ापन भी बढ़ा है । अगर समय रहते इसे नियंत्रित नहीं किया गया तो इस के गंभीर परिणाम होंगे ।
प्रभावित कर रहा है वायु प्रदूषण:-
वायु प्रदूषण का मुख्य कारण वाहनों का बढ़ना माना जा रहा है। सैकड़ों वाहन ऐसे चल रहे हैं जो जहरीली धुआं छोड़ते हैं इस प्रकार के वाहनों पर जल्द रोक लगाने की आवश्यकता है ।
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