एक्सप्रेस-वे से बदलेगी सीमांचल की तस्वीर, 41000 करोड़ होंगे खर्च; NHAI ने जारी किया रूट चार्ट
गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे के निर्माण से सीमांचल क्षेत्र की तस्वीर बदलेगी और पूर्वी भारत की सड़क कनेक्टिविटी मजबूत होगी। 41,000 करोड़ ...और पढ़ें

एक्सप्रेस-वे से बदलेगी सीमांचल की तस्वीर, 41000 करोड़ होंगे खर्च
HighLights
एक्सप्रेस-वे से सीमांचल क्षेत्र की तस्वीर बदलेगी।
41,000 करोड़ रुपये का आएगा निर्माण खर्च।
रोजगार और व्यापार में होगी भारी वृद्धि।
संवाद सूत्र, सिकटी (अररिया)। गोरखपुर से सिलीगुड़ी को जोड़ने वाले प्रस्तावित गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे (Gorakhpur Siliguri Expressway) के निर्माण से पूर्वी भारत की सड़क कनेक्टिविटी में नई मजबूती आएगी। इस एक्सप्रेस-वे के बनने से सीमांचल क्षेत्र की तस्वीर बदल जाएगी, जिससे रोजगार, व्यापार और यात्रा के क्षेत्र में वृद्धि होगी।
इस पथ के निर्माण में 41,000 करोड़ रुपये का खर्च आएगा, जो नरपतगंज, फारबिसगंज, अररिया, कुर्साकांटा, सिकटी और पलासी प्रखंडों से होकर गुजरेगा। भूमि अधिग्रहण के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने फाइनल रूट के साथ गांवों की सूची जारी कर दी है।
यह सड़क सिकटी प्रखंड के बेलबाड़ी, पोठिया, करहबाड़ी और सोहदी गांवों से होकर गुजरेगी। मुख्य रूप से एबीएम सिकटी पथ के गुज्जन चौक के दक्षिण से इसका निर्माण होगा। एक्सप्रेस-वे के बन जाने से उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के बीच आवागमन तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगा।
लगभग 560 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस-वे से गोरखपुर से सिलीगुड़ी की दूरी 6-9 घंटे में पूरी की जा सकेगी, जबकि वर्तमान में इसमें 12-15 घंटे लगते हैं। इससे ईंधन की बचत के साथ परिवहन लागत भी कम होगी।
यह एक्सप्रेस-वे बिहार के कई जिलों से होकर गुजरेगा, जिससे स्थानीय स्तर पर व्यापार, उद्योग और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
विशेषज्ञों के अनुसार, सड़क के किनारे औद्योगिक कॉरिडोर और लॉजिस्टिक हब विकसित होने से किसानों और छोटे व्यापारियों को बड़े बाजारों तक सीधी पहुंच मिलेगी।
पूर्व मंत्री और सिकटी विधायक विजय कुमार मंडल का कहना है कि इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण से सिकटी विधानसभा के तीनों प्रखंड लाभान्वित होंगे।
