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    कटाव से बकरा नदी में समा गए कई घर

    By JagranEdited By:
    Updated: Mon, 21 Sep 2020 11:20 PM (IST)

    अररिया। सिकटी प्रखंड से होकर बहने वाली बकरा व नूना नदी में आई बाढ़ से काफी नुकसान ह

    कटाव से बकरा नदी में समा गए कई घर

    अररिया। सिकटी प्रखंड से होकर बहने वाली बकरा व नूना नदी में आई बाढ़ से काफी नुकसान हुआ है। एक तरफ नूना नदी में बार-बार जलस्तर बढ़ने के कारण पूर्वी भाग की पड़रिया, दहगामा व खोरागाछ पंचायत के कई भाग में तटबंध, सड़क को तोड़कर तबाही मचाई तो बकरा नदी के कटान से पश्चिम भाग में कई परिवार के घर व उपजाऊ भूमि कटाव के कारण नदी मे समा गए। सड़कों के कट जाने से पड़रिया पंचायत का सिकटी प्रखंड मुख्यालय से संपर्क कट गया है। खेतों में लगी फसल कई दिनों तक डूबे रहने से बर्बाद हो गए। बकरा नदी ने कौआकोह पंचायत के वार्ड एक पड़रिया में चार परिवार बालेश्वर मंडल, गीता देवी, रेखा देवी एवं आशा देवी के घर लील गई। जिन्हें अंचल कार्यालय से मदद के रूप में केवल प्लास्टिक ही मिला है। इससे पहले डेढ़ुआ के बैरगाछी वार्ड एक में भी तीन परिवार के घर नदी में कट गए। विगत पांच वर्षों में पीरगंज, डैनिया, तीरा खारदह, पड़रिया, नेमुआ पिपरा में सैकड़ों परिवार बकरा नदी कटान से विस्थापित हुए हैं। इसके अलावा नदी किनारे बसे इन गांवों के उपजाऊ खेत भी लगातार नदी में कटता जा रहा है। पड़रिया के दिलीप मंडल, अरुण मंडल, अनिल मंडल के करीब 60 डिसमिल एवं महेश मंडल के 80 डिसमिल खेतों में लगी धान की फसल नदी में कटकर समा गया। वहीं ढंगरी में सूर्यानंद मंडल का भी करीब दो बीघा जमीन कटकर नदी में समा गया। प्रावि पड़रिया के निकट बकरा के कटान ने ग्रामीण सड़क को भी काट दिया। पड़रिया में कटान बचाने के प्रशासन की ओर से बांस की बैरिकेडिग की गई थी जो बकरा के घटते जल स्तर से बढ़ते कटाव ने नदी में बहा दिया। कटान प्रभावित इन किसानों ने बताया कि हर साल नदी किनारे की जमीन में खेती की जाती है जो कट कर नदी में बह जा रही है। नदी की धारा हर साल बदलती रहती है। इस बदले धारा के कारण बीस करोड़ की लागत से पड़रिया घाट पर बकरा नदी पर बना पुल बेकार हो गया है। नदी की बदली धारा एप्रोच काटकर बहा ले गई। पूर्वी भाग के पड़रिया पंचायत में वार्ड नौ फारुख टोला के निकट सिकटी विलायतीबाड़ी पथ कट जाने के कारण संपर्क भंग है। इससे पहले दहगामा में भी तीन जगह सड़क कटी थी। सात निश्चय योजना में बने ग्रामीण सड़कों की तो हालत खराब कर दी है। इस बार नूना नदी ने पड़रिया वार्ड नौ एवं सिहिया में बांध काट दिया। जिस कारण पड़रिया, कठुआ, सालगोड़ी, कचना, सिहिया,औलाबाड़ी में बार-बार बाढ़ आई और लोग प्रभावित हुए। फसलें भी बर्बाद हुई है। कोट नूना नदी में तटबंध की मुकम्मल मरम्मत नहीं होने के कारण पड़रिया एवं दहगामा यह हाल हुआ है। हर साल मरम्मत के नाम पर लाखों खर्च कर केवल बालू का बांध बांधा जाता है जो भारी बारिश और नदी के बढ़े जलस्तर का दबाव नही झेल पाती है। जिस कारण वो टूटकर तबाही मचाती है। प्रभावित परिवारों को इस बार सरकारी सहायता के नाम पर कुछ भी नहीं मिला है। पड़रिया की सभी वार्डों की सड़क खंडित हो गई है। जिससे आवागमन में परेशानी है। नदी पर बने तटबंध पर जब तक बोल्डर नहीं दिया जाएगा, ऐसी स्थिति बनी रहेगी। नजमा खातून प्रमुख, सिकटी कोट कटान प्रभावित परिवारों को तत्काल प्लास्टिक उपलब्ध कराया गया है। बाढ़ के दौरान प्रभावित गांव में राहत शिविर भी चलाई गई। कटे हुए सड़कों पर आवागमन बहाल करने के लिए ग्रामीण कार्य विभाग काम करेगी। जिसके लिए प्रतिवेदन भेजा गया है।

    वीरेन्द्र कुमार सिंह अंचलाधिकारी, सिकटी।

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