सड़क और पुल के अभाव में डुमरिया गांव विकास से वंचित
अररिया। आजादी के बाद से अबतक नरपतगंज प्रखंड के पोसदाहा पंचायत के डुमरिया गांव की अबतक स
अररिया। आजादी के बाद से अबतक नरपतगंज प्रखंड के पोसदाहा पंचायत के डुमरिया गांव की अबतक सूरत नहीं बदली है। यहां खरहा नदी पर वर्षों से चचरी पुल सड़क संपर्क का एक मात्र माध्यम है। इसके चलते डेढ़ हजार आबादी जरूरी विकास कार्यो से वंचित है। पक्की सड़क नहीं होने से पोसदहा पंचायत के डुमरिया गांव के लोगों की परेशानी कम नहीं हो रही है।
पुल के अभाव में जहां विकास कार्यो को गति नहीं मिल पा रही है। वहीं बच्चों की उच्चतर शिक्षा भी प्रभावित हो रही है।
जानकारी के मुताबिक, सैकड़ों ग्रामीणों की आवाजाही के साथ साथ इस चचरी पुल से बरसात के मौसम में आवागमन करना मौत को आमंत्रण देना है। चचरी पुल पूरी तरह पानी में डूब जाता है, तब भी यहां आवाजाही होती रहती है। बाढ़ आ जाने पर ग्रामीण केले के थम का सहारा लेते हैं। बताते चलें कि लक्ष्मीपुर मध्य विद्यालय एवं फुलकाहा कुनकुन देवी प्लस टू उच्च विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र- छात्राओं की मजबूरी है इस चचरी पुल को पार करके प्रति दिन विद्यालय जाना। चचरी पुल से पार करने वाले लोगों में पोसदाहा, डुमरिया, लक्ष्मीपुर, चंदा, मिर्जापुर और भंगही के ग्रामीण शामिल है। पुल की मागं भाजपा के सहित सहित पूर्व विधायकों एवं प्रखंड व जिला स्तरीय अधिकारियों से ग्रामीण कर चुके हैं। ग्रामीण महेंद्र यादव, बंटू यादव, अनिरुद यादव, ¨पटू कुमार, योगेंद्र यादव, ताराचंद यादव, दल्लू यादव आदि ने चचरी पुल पर चलने की मजबूरी से निजात दिलाने की दिशा में कारगर कदम उठाते हुए यहां एक अदद पक्की पुल बनाए जाने की मांग जिला पदाधिकारी से की है।
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खरहा नदी रोक रखी रखी है विकास का रास्ता
खरहा नदी किनारे बसा यह गांव बाढ़ के दिनों में दो माह टापू में तब्दील रहता है। इस गांव के लोग मुख्य रूप से कृषि एवं मजदूरी पर निर्भर हैं। इस गांव में शिक्षा की समुचित व्यवस्था नहीं रहने के कारण शैक्षणिक स्थित भी दयनीय है। दो हजार की आबादी वाले इस गांव के मात्र 25 प्रतिशत पुरुष एवं पांच प्रतिशत महिलाएं ही शिक्षित है। वहीं कोसी का शैक्षणिक स्तर 52.49 प्रतिशत है। यहां के लोगों को सड़क, स्वास्थ्य, सरकारी सुविधाओं की समुचित व्यवस्था नहीं रहने के कारण लोग विकास के लिए वर्षों से तरस रहे हैं ।
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---दरवाजा बंद अभियान से जुड़े हैं 10 प्रतिशत
यहां के 90 प्रतिशत आबादी खुले में शौच करने को विवश है। मात्र 10 प्रतिशत लोगों के घरों में शौचालय की व्यवस्था है। गांव की सभी मुख्य सड़कें कच्ची हैं। किसानों के लिए ¨सचाई की सुविधा नहीं रहने के कारण इनकी खेती मौसम पर निर्भर है। वहीं नरपतगंज के विधायक अनिल कुमार यादव ने कहा कि वे अपने लेटर पैड पर इस बाबत विभाग को पत्र भेज कर जल्द ही पुल एवं सड़क के निर्माण के लिए आग्रह करेंगे। उम्मीद है कि जल्द ही इसकी स्वीकृति मिल जाएगी ।
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