रानीगंज (अररिया), जाप्र : यहां के लोग भाग्यशाली हैं कि उन्हें इतना बड़ा वन क्षेत्र सौगात में मिला है। इस वन क्षेत्र के माध्यम से लोगों को विभिन्न पेड़-पौधों एवं जीव-जंतुओं के बारे में जानकारी उपलब्ध हो, इसके लिए सभी संभव प्रयास किए जाएंगे।

उक्त बातें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रानीगंज वृक्ष वाटिका स्थित प्रकृति आख्यान प्रकोष्ठ के शिलान्यास के दौरान रविवार को कही। पांच किलोमीटर परिक्षेत्र में फैली पूरी वृक्ष वाटिका की पक्की घेराबंदी का निर्देश विभागीय सचिव को उन्होंने मौके पर ही दे दिया। अररिया वन प्रमंडल के पदाधिकारियों द्वारा डॉल्फिनों के बचाव एवं उनके पुन: महानंदा नदी में सफल अंतरण के उत्कृष्ट कार्य के लिए स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पुरस्कृत करने की भी घोषणा मुख्यमंत्री ने की। मुख्यमंत्री ने वृक्ष वाटिका में बने नवसुदृढ़ अरण्य संपोषण पथ एवं प्रकृति वीथिका का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने वाटिका स्थित तालाब का 'पर्ण सरोवर' के रूप में नामकरण पट का अनावरण किया। इसके बाद वहां मुख्यमंत्री ने वृक्षारोपण भी किया। रानीगंज वृक्ष वाटिका में मुख्यमंत्री के इस कार्यक्रम में आमलोगों का प्रवेश वर्जित था। सुरक्षा के चाक-चौबंद प्रबंध को लेकर पूरी वृक्ष वाटिका में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात थे।

प्रखंड के लालमोहन नगर वासी राम कुमार मेहता ने अपने खेत में उगी गोभी मुख्यमंत्री को भेंट की। प्रतिकूल मौसम के बावजूद गोभी की सफल खेती करने के लिए मुख्यमंत्री ने उन्हें बधाई दी। हालांकि मुख्यमंत्री ने यात्रा के दौरान इस वन क्षेत्र के लिए बहुत कुछ घोषणा तो नहीं की गयी परंतु वन एवं पर्यावरण को लेकर स्थापित इस वृक्ष वाटिका में विकास के द्वार अवश्य खोल दिए।

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