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    Tesla भारतीय बाजार में जल्द कर सकती है एंट्री, साल 2024 से इलेक्ट्रिक वाहनों का इंपोर्ट शुरू होने की उम्मीद

    By Rammohan MishraEdited By: Rammohan Mishra
    Updated: Tue, 21 Nov 2023 05:17 PM (IST)

    दुनिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक कार निर्माता कंपनी Tesla भारतीय ईवी बाजार में प्रवेश करने के लिए केंद्र सरकार के साथ एक समझौते के करीब पहुंच रही है। जनवरी 2024 में होने वाले वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट में टेस्ला के भारतीय बाजार में प्रवेश की एक ठोस तस्वीर हो सकती। उम्मीद है कि टेस्ला देश में शुरुआती न्यूनतम 2 बिलियन डॉलर का निवेश करेगी।

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    Tesla जल्द ही भारतीय बाजार में एंट्री मारने वाली है।

    ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। दुनिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक कार निर्माता कंपनी Tesla, भारतीय ईवी बाजार में प्रवेश करने के लिए केंद्र सरकार के साथ एक समझौते के करीब पहुंच रही है। ऑटोमेकर भारत सरकार के साथ एक समझौते पर काम कर रहा है, जो ईवी निर्माता को 2024 से देश में अपनी इलेक्ट्रिक कारों को शिप करने की अनुमति देगा। साथ ही, रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ऑटोमेकर 2025 तक देश में एक लोकल मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी स्थापित करेगा।

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    Tesla कब आएगी भारत?  

    जनवरी 2024 में होने वाले वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट में टेस्ला के भारतीय बाजार में प्रवेश की एक ठोस तस्वीर हो सकती। टेस्ला कथित तौर पर भारत में अपनी पहली विनिर्माण सुविधा स्थापित करने के लिए गुजरात, महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे राज्यों पर विचार कर रही है।

    हालांकि, ईवी निर्माता ने अभी तक उस स्थान को अंतिम रूप नहीं दिया है, जहां वह प्लांट स्थापित करेगा। दिलचस्प बात यह है कि उपरोक्त तीनों राज्यों में इलेक्ट्रिक वाहनों और निर्यात के लिए अच्छी तरह से स्थापित ईको-सिस्टम है।

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    ये है कंपनी का प्लान

    रिपोर्ट में आगे दावा किया गया है कि टेस्ला देश में शुरुआती न्यूनतम 2 बिलियन डॉलर का निवेश करेगी। इसके अलावा कंपनी, कथित तौर पर स्थानीय निर्माताओं से ऑटो कंपोनेंट की खरीद बढ़ाने पर भी विचार कर सकती है और इन ऑटो पार्ट्स की कीमत 15 अरब डॉलर तक होगी।

    रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस दशक के अंत में अपनी कारों को स्थानीय स्तर पर बनाने के अलावा, टेस्ला उत्पादन लागत को कम करने के प्रयास में अपने ईवी के लिए भारत में कुछ बैटरी पैक भी बनाएगी।

    कहां फंस रहा है पेंच?

    सरकार द्वारा लगाए गए उच्च आयात शुल्क के कारण टेस्ला अपनी इलेक्ट्रिक कारों को सीधे भारत में आयात नहीं करता है। टेस्ला ने कई बार भारत सरकार से आयात शुल्क कम करने की अपील की है, जिससे वह लोकल प्लांट स्थापित करने से पहले अपनी कारों को पूरी तरह से निर्मित इकाई (सीबीयू) मार्ग के माध्यम से ला सके। दूसरी ओर, भारत सरकार ने हमेशा कहा है कि टेस्ला को पहले भारत में निवेश करना चाहिए।

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