नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। भारत के ग्रामीण इलाकों में हैचबैक और सेडान कारों के मुकाबले एसयूवी को ज्यादा पसंद किया जाता है। अगर आप कभी ग्रामीण इलाकों में जाकर देखेंगे तो आपको पता चलेगा कि वहां अधिकतर एसयूवी को ही पसंद किया जाता है। ग्रामीण इलाकों में एसयूवी को पसंद किए जाने के पीछे काफी वजह हैं। आज हम यहां आपको बताएंगे कि गांवों और देहात में एसयूवी ज्यादा लोकप्रिय क्यों हुई हैं।

ग्राउंड क्लीयरेंस

हैचबैक और सेडान कारों का ग्राउंड क्लीयरेंस काफी कम होता है, जिसकी वजह से यह ऊबड़ खाबड़ रास्तों पर आसानी से नहीं चल पाती हैं। ऐसे में छोटी कारों में जल्दी खराबी आने के चांस रहते हैं। वहीं ऊबड़ खाबड़ रास्तों के बीच एसूयवी आसानी से दौड़ लेती हैं, क्योंकि इनका ग्राउंड क्लीयरेंस ज्यादा होता है।

बड़े टायर्स

एसयूवी के टायर्स काफी बड़े होते हैं इसलिए गड्ढों को ये आसानी से पार कर लेती हैं। ऐसा बहुत कम ही होता है कि एसयूवी गड्ढ़ों में फंसे जाएं। वहीं हैचबैक और सेडान कारों के टायर्स छोटे होते हैं, जिसकी वजह से ये गड्ढ़ों में फंस जाती हैं। यह एक बहुत बड़ा कारण हैं, जिसकी वजह से एसयूवी ज्यादा पसंद की जाती हैं।

ज्यादा स्पेस

हैचबैक और सेडान कारों के मुकाबले एसयूवी में ज्यादा स्पेस होता है और अधिक यात्रियों के बैठने के लिए सीटिंग भी होती है। ज्यादा सामान ले जाने के लिए और एक साथ अधिक यात्रियों को ले जाने के लिए एसयूवी को ज्यादा पसंद किया जाता है।

डीजल

डीजल इंजन पेट्रोल इंजन के मुकाबले ज्यादा माइलेज देता है। माइलेज भी एक बहुत बड़ी वजह से है कि एसयूवी ग्रामीण इलाकों में ज्यादा लोकप्रिय हुई हैं।

मजबूती

हैचबैक और सेडान कारों के मुकाबले एसयूवी ज्यादा रफ और मजबूत होती हैं। धूल मिट्टी के बीच आसानी से चल पाने की वजह से भी एसयूवी को काफी पसंद किया जाता है।

भारत में टाटा सफारी, महिंद्रा बोलेरो, महिंद्रा स्कॉर्पियो, टाटा सूमो, महिंद्रा थार और टोयोटा फॉर्च्यूनर जैसी एसयूवी काफी ज्यादा लोकप्रिय हैं।

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Posted By: Sajan Chauhan

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