भारत में अब नहीं बिकेंगे Non-ISI चिह्न वाले हेलमेट, 1 साल की कैद के साथ लगाया जा सकता है 5 लाख रुपये तक का जुर्माना
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 1 जून से बिना भारतीय मानक ब्यूरो या ISI चिह्न वाले हेलमेट पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस नियम के अनुसार दोपहिया वाहनों पर SI चिह्न वाले हेलमेट का उपयोग नहीं करने वाले व्यक्ति पर 1 जून 2021 से मुकदमा चलाया जा सकता है।

नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। Non ISI Helmet Banned In India: देश में हेलमेट की गुणवत्ता को लेकर हमेशा से सवाल उठते रहे हैं, लोग सस्ते के चक्कर में रोड़ साइड से हेलमेट लेकर इस्तेमाल करते हैं। लेकिन अब इस पर लगाम लग चुका है। शायद आप जानते भी होंगे कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने 1 जून 2021 से बिना भारतीय मानक ब्यूरो या ISI चिह्न वाले हेलमेट पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस नियम के अनुसार दोपहिया वाहनों पर ISI चिह्न वाले हेलमेट का उपयोग नहीं करने वाले व्यक्ति पर 1 जून 2021 से मुकदमा चलाया जा सकता है और उस पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
सिर्फ यूजर पर नहीं लगेगा जुर्माना: यहां ध्यान देने वाली बात यह है, कि यह नियम केवल हेलमेट उपयोगकर्ताओं तक सीमित नहीं होगा। इस अधिसूचना में कहा गया है कि जो कोई भी गैर-आईएसआई हेलमेट के निर्माण, मार्केटिंग, बिक्री या आयात में सक्रिय रूप से शामिल है, उस पर 1 साल की कैद के साथ-साथ 1 लाख रुपये से लेकर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। बता दें, गैर-आईएसआई चिह्न वाले हेलमेट पर प्रतिबंध का उद्देश्य सड़क किनारे विक्रेताओं द्वारा आमतौर पर बेचे जाने वाले नकली और घटिया हेलमेट की बिक्री को रोकना है।
इस बात से आप भी परिचित हैं, कि सड़क किनारे बिना गुणवत्ता वाले हेलमेट लेने से सड़क दुर्घटना की स्थिति में सिर की चोटों से बचने की कोई उम्मीद नहीं होती है, और इस तरह के किस्से हम आय दिन सुनते भी रहते हैं। हालांकि अभी तक यह आदेश स्पष्ट नहीं है कि आयात किए हेलमेट जो अंतरराष्ट्रीय प्रमाणीकरण के साथ हैं, वे भारत में मान्य होंगे या नहीं।
यहां ध्यान देने वाली बात है, कि यह आदेश नवंबर 2018 में दिया गया था, उसके बाद 2019 में इसके लिए कुछ नियम बनाए गए थे। भारत में बेचे जाने वाले सभी हेलमेटों को अब बीआईएस गुणवत्ता की आवश्यकताओं को पूरा करना होगा। ट्रैफिक पुलिस के पास भी चालान करने का पूरा अधिकार है, यानी अगर कोई Non-ISI प्रमाणित हेलमेट पहने नहीं मिलता है, तो उस पर जुर्माना लगाना वाजिब है।
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