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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 28, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

NHEV वर्किंग ग्रुप ने बैटरी स्वाइपिंग और चार्जिंग इंफ्रास्टक्चर को लेकर दिए 12 सुझाव

By Atul YadavEdited By:
Published: Tue, 28 Jun 2022 12:50 PM (IST)Updated: Wed, 29 Jun 2022 07:29 AM (IST)

National Highways for Electric Vehicles NHEV वर्किंग ग्रुप ने 4 नए शॉर्ट-टर्म पायलटों के साथ इन 12 सिफारिशों को नीति ...और पढ़ें

बैटरी को लेकर ये काम कर रही है नेशनल हाइवे फॉर इलेक्ट्रिक व्हीकल कमेटी
बैटरी को लेकर ये काम कर रही है नेशनल हाइवे फॉर इलेक्ट्रिक व्हीकल कमेटी

नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। नेशनल हाइवे फॉर इलेक्ट्रिक व्हीकल (NHEV) ने भारत में व्यापार करने में आसानी और बैटरी सुरक्षा और इलेक्ट्रिक वाहनों में स्वैपिंग से संबंधित मुद्दों पर विचार-मंथन करने के लिए एनएचईवी वर्किंग ग्रुप बोर्ड सदस्यों की बैठक का आयोजन किया, जहां मीटिंग के दौरान वर्किंग कमेटी ने 12 सुझाव दिए, इन 12 सुझावों में से प्रत्येक में 4 प्रशासनिक, नियामक और तकनीकी रिकमेंडेशन्स शामिल हैं।

ये सुझाव बैटरियों की रियल टाइम में पहचान करने के लिए हैं, जिसमें एक यूनिक आईडी के माध्यम से बैटरी के मालिक और बैटरी के नंबर की पहचान करना है। ताकि, ग्राहकों और बैटरी बनाने वाली कंपनी थर्ड पार्टी डैमेज कवर करने वाली कंपनियों के बीच पारदर्शिता बनी रहे। यूनिक आइडीएंटीफिकेशन (UID) नंबर से बैटरी की लाइफ, उसकी प्राइवेसी और लोकेशन भी सिक्योर रहेगा।

इसको लेकर नेशनल प्रोजेक्ट डॉयरेक्टर अभिजीत सिंहा ने कहा कि मुझे यह देखकर खुशी हो रही है कि एनएचईवी 9 सितंबर 22 को दिल्ली जयपुर एक्सप्रेसवे पर टेक ट्रेल करेंगे। हम ई-ईज ऑफ डूइंग बिजनेस लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। NHEV वर्किंग ग्रुप ने 4 नए शॉर्ट-टर्म पायलटों के साथ इन 12 सिफारिशों को नीति थिंक टैंक और सरकार के सामने रखने का फैसला किया है। चार्ज प्वाइंट ऑपरेटर्स सोसाइटी (सीपीओएस ऑफ इंडिया) ने अपनी बोर्ड बैठक में मध्य दिल्ली जिले को 4 बाधाओं को दूर करने के लिए एक आदर्श जिला बनाने का प्रस्ताव पारित किया, जिसे आगे भारत के सभी सीपीओ को उपलब्ध कराया जाएगा।

टेक्नॉलाजी रिकमेंडेशन में कमेटी ने बैटरी सिस्टम की निगरानी के लिए ब्लैक-बॉक्स जैसी सुविधा का प्रावधान के बारे में बात की है, जहां खराब या डैमेज बैटरी की सही समय में पहचान करना और सही समय में उसपर एक्शन लेना शामिल है, ताकि बैटरी में आग लगने जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।