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ABS और EBD सिस्टम कैसे करता है काम? इमरजेंसी ब्रेक के दौरान कौन होता है बेस्ट

मान लीजिए आप 60 की रफ्तार में अपनी बाइक चला रहे हैं और तभी अचानक बीच सड़क पर कोई जानवर आ जाता है और इमरजेंसी में पूरा ब्रेक लेना पड़ता है ऐसी स्थिती में ये सिस्टम गाड़ी के टायर की ग्रीपिंग को मजबूत करता है।

By Atul YadavEdited By: Atul YadavSat, 31 Dec 2022 05:30 PM (IST)
इमरजेंसी के दौरान काम आते हैं ये फीचर

नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। इस समय गाड़ियां काफी एडवांस होती जा रही हैं। भारत एक ऐसा देश है, जहां हर दिन लाखों लोग एक्सीडेंट की वजह से अपनी जान गंवा देते हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए तमाम वाहन निर्माता कंपनियां अपनी कारों में सेफ्टी के लिए कई तरह के फीचर्स देती हैं। जिनमें एयरबैग्स से लेकर ABS (Anti-lock Braking System)और EBD (Electronic brake force distribution) जैसे सेफ्टी फीचर्स आ रहे हैं। आइये जानते हैं किस तरह से काम करती है ये ब्रेक सिस्टम

Anti- Lock Breaking System (ABS)

एंटी-लॉक ब्रेक सिस्टम को आसान भाषा में समझें तो इसके काम बाइक को कंट्रोल करने का है। मान लीजिए आप 60 की रफ्तार में अपनी बाइक चला रहे हैं और तभी अचानक बीच सड़क पर कोई जानवर आ जाता है और इमरजेंसी में पूरा ब्रेक लेना पड़ता है ऐसी स्थिती में ये सिस्टम गाड़ी के टायर की ग्रीपिंग को मजबूत करता है और बाइक पर आपकी कंट्रोल बनाए रखने में मदद करता है। वहीं ऐसे में बिना एबीएस सिस्टम वाली बाइक्स में बाइक को सड़क पर फिसलने की अधिक संभावनाएं होती है।

ABS फिसलन की स्थिति में भी लॉक-अप और स्किडिंग को रोकता है। ABS का उपयोग करना नियमित ब्रेक का उपयोग करने से बहुत अलग है। यदि आप स्टॉप साइन, लाल बत्ती, या आपके आगे धीमी गति से चलने वाले वाहनों के लिए सामान्य रूप से ब्रेक लगा रहे हैं, तो ABS सिस्टम सक्रिय नहीं होगा। किसी भी स्थिति में जल्दी ब्रेक अचानक ब्रेक लगाने की जरूरत है, तो ABS सक्रिय हो जाएगा।

EBD क्या है

EBD को Electronic break force कहा जाता है। यह एक ऐसा सिस्टम है जो कार की स्पीड और रोड की कंडीशन के हिसाब से ब्रेक अलग-अलग पहिये को इंडीविजुअली (निजी) ब्रेक फोर्स प्रदान करता है। जब कभी एकदम से ब्रेक लगते हैं तो गाड़ी आगे की तरफ को दबती है और जब किसी मोड़ पर गाड़ी को मोड़ते हैं, तो गाड़ी का वजन और उस पर बैठी सवारियों का भार एक तरफ होता है। ऐसी स्थिति में ब्रेक लगाने पड़ते हैं तो बिना EBD वाली गाड़ियों के स्किड होने की संभावना बहुत अधिक होती है, क्योंकि EBD सिस्टम, वजन और रोड कंडीशन के अनुसार अलग अलग पहिए को अलग अलग ब्रेक फोर्स देता है जिसकी वजह से वाहन ऐसी परिस्थिति में भी कंट्रोल में रहता है।

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