नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। देश की जानी-मानी कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki India के मार्केटिंग एंड सेल्स के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर शशांक श्रीवास्तव से भारत में मारुति सुजुकी के BS6 के भविष्य को लेकर खास बातचीत हुई। जहां बहुत सी ऐसी बातों के बारे में पता चला है कि भविष्य में मारुति सुजुकी का क्या प्लान है।

Maruti Suzuki के लिए यह वित्त वर्ष कैसा रहा?

अप्रैल से सितंबर के बीच इंडस्ट्री में मंदी का दौर रहा, रिटेल में बिक्री काफी कम हुई। वाहनों की कीमते बढ़ने की वजह से बिक्री कम हुई, इंश्योरेंस कॉस्ट और टैक्स बढ़ने की वजह से बिक्री कम हुई, फाइनेंस कंपनियों ने नियमों को कड़ा किया जिसके चलते भी बिक्री में कमी आई। सबसे अहम वजह ये रही कि इंजन बीएस-4 से बीएस-6 में तब्दील हो रहे हैं, जिसके चलते ग्राहकों में काफी कंफ्यूजन है कि कौन सा वाहन खरीदा जाए और कौन सा न खरीदा जाए। लेकिन अक्टूबर में मारुति सुजुकी की बिक्री बहुत ज्यादा बढ़ी है, कंपनी बनने के बाद से अब तक अक्टूबर, 2019 में सबसे ज्यादा बिक्री हुई।

बीएस-4 और बीएस-6 को लेकर ग्राहकों के दिमाग में काफी कंफ्यूजन है और बीएस-6 क्या होता है इसके बारे में बताइए?

अप्रैल, 2020 के बाद से बीएस-4 इंजन वाली गाड़ियों का पंजीकरण नहीं होगा। सरकार ने सीधे बीएस-4 से बीएस-6 में भेजा है और जैसे हमारी बाजार में 50 फीसद हिस्सेदारी है तो हमारा भी फर्ज बनता है और हम सरकार का इसमें सहयोग करेंगे। हम बलेनो और ऑल्टो का बीएस-6 मॉडल अप्रैल 2019 में ही ले आए और मई-जून में स्विफ्ट, वैगनआर, एक्सएल6, अर्टिगा, एस-प्रेसो आदि कारों को बीएस-6 में लाया गया। यह ऐसी कारें हैं जो कि सबसे ज्यादा बिकती हैं और हमने अब तक 3 लाख से ज्यादा बीएस-6 इंजन वाली कारें बेची हैं। बीएस-6 कंप्लेंट और बीएस-6 रेडी में क्या अंतर है। हमने इंजन को पूरी तरह से बीएस-6 कंप्लेंट किया है जो कि एमिशन के सभी मापदंडों को पूरा करता है। बीएस-6 रेडी में बीएस-4 इंजन ही रहता है उसमें थोड़ा मोडिफिकेशन होता है।

कई उपभोक्ताओं के मन में यह सवाल होता है कि अगर वो बीएस-6 रेडी गाड़ी लेते हैं तो बीएस-6 नॉर्म्स आएंगे तो क्या पूरा इंजन चेंज होगा?

सबसे पहली बात तो पेट्रोल और डीजल इंजन में काफी फर्क होता है। पहले पेट्रोल की बात की जाए तो बीएस-6 में गाड़ी फ्यूल इगनोस्टिक है, अगर आपने बीएस-4 गाड़ी खरीदी और उसमें बीएस6 का फ्यूल डाल सकते हैं। बीएस-6 की गाड़ी खरीदी और उसमें बीएस-4 का फ्यूल डाल सकते हैं। डीजल की बात की जाए तो डीजल में थोड़ा फर्क है अगर आपके पास बीएस-4 डीजल कार है तो आप उसमें बीएस6 फ्यूल इस्तेमाल कर सकते हैं। बीएस-6 डीजल है और उसमें अगर आप बीएस-4 फ्यूल का इस्तेमाल करेंगे तो यह इंजन के लिए खराब हो सकता है।

पेट्रोल व्हीकल की बात करें तो उसमें आप किसी भी व्हीकल में कोई सा भी पेट्रोल इस्तेमाल कर सकते हैं।

सरकार कब तक ज्यादातर फ्यूल स्टेशन पर बीएस-6 फ्यूल को उपलब्ध करवा पाएगी?

जहां तक हमारी जानकारी उसके हिसाब से तो पूरे देश में मार्च तक सभी फ्यूल स्टेशन पर बीएस-6 फ्यूल उपलब्ध हो जाएगा। मारुति सुजुकी ने जिस पड़ाव को पार किया है उसके बारे में बताइए बीएस-6 इंजन वाली 3 लाख से ज्यादा कारें बेची हैं। बलेनो की चार साल में 6.5 लाख से ज्यादा यूनिट्स बेची हैं। अब तक मारुति सुजुकी ने शुरू होने के बाद से 2 करोड़ से ज्यादा कारें बेची हैं।

सभी कार निर्मोताओं के लिए बीएस-6 कंप्लेंट में आने के लिए आप रोड सेफ्टी और पर्यावरण में किस प्रकार मदद कर रहे हैं?

बड़ी कार निर्माता कंपनी के लिहाज से अपने पर्यावरण को सेफ्टी को लेकर बहुत काम कर रहे हैं और साथ ही साथ हमने 500 से ज्यादा ड्राइविंग स्कूल खोले हुए हैं और वहां हमने 10 लाख से ज्यादा लोगों को ड्राइविंग के बारे में सिखाया है। पर्यावरण की बात करें तो हम एक साल पहले से ही सरकार के साथ आए हैं। डीजल को सबसे ज्यादा प्रदूषण करने वाला ईंधन मान जाता है, जिसको देखते हुए हम बीएस-6 इंजन में डीजल नहीं लेकर आ रहे हैं। सीएनजी को लेकर भी हमने कई टारगेट बनाए हैं और आने वाले समय में बहुत कुछ करने वाले हैं।

मारुति सुजुकी सबसे लोकप्रिय कॉम्पैक्ट एसयूवी विटारा ब्रेजा का बीएस-6 वेरिएंट कब लेकर आएंगे?

हम विटारा ब्रेजा का डीजल वेरिएंट नहीं लेकर आ रहे हैं, क्योंकि पेट्रोल को बीएस-4 से बीएस-6 इंजन में लाने में कीमत में 8-10 हजार रुपये की करीब कीमत बढ़ती है। वहीं डीजल बीएस-4 से बीएस-6 में लाने पर कीमत में बहुत ज्यादा इजाफा हो सकता है, जिसको देखते हुए हम डीजल की जगह बीएस-6 कंप्लेंट पेट्रोल गाड़ी लेकर आएंगे। ब्रेजा और एस-क्रॉस का बीएस-6 पेट्रोल वेरिएंट जल्द ही मार्केट में आ जाएगा।

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Posted By: Sajan Chauhan

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