लिथियम आयन या लेड-एसिड, जानें कौन सी बैटरी वाले इलेक्ट्रिक स्कूटर देते हैं सबसे ज्यादा रेंज
आपको बता दें कि भारत में जितने भी इलेक्ट्रिक स्कूटर्स अवेलेबल हैं उनमें दो तरह की बैटरी का इस्तेमाल किया जाता है जिनमें पहली है लिथियम आयन बैटरी और दूसरी है लेड एसिड बैटरी। ये दोनों ही बैटरी एक दूसरे से काफी अलग होती हैं।

नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। भारत सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को जमकर प्रमोट कर रही है। ये वाहन बेहद ही सस्ते और ईको फ्रेंडली होते हैं। ज्यादातर लोग जो इलेक्ट्रिक कार परचेज नहीं कर पाते हैं वो इलेक्ट्रिक स्कूटर्स को खरीदना पसंद करते हैं। दरअसल इलेक्ट्रिक स्कूटर का इस्तेमाल घरेलू कामों में किया जा सकता है और ये ई-मोबिलिटी का सबसे सस्ता साधन हैं। आपको बता दें कि भारत में जितने भी इलेक्ट्रिक स्कूटर्स अवेलेबल हैं उनमें दो तरह की बैटरी का इस्तेमाल किया जाता है, जिनमें पहली है लिथियम आयन बैटरी और दूसरी है लेड एसिड बैटरी। ये दोनों ही बैटरी एक दूसरे से काफी अलग होती हैं। ऐसे में आज हम आपके लिए इन दोनों बैटरीज का कम्पैरिजन लेकर आए हैं जिससे आप समझ सकते हैं कि आपके लिए लेड एसिड बैटरी वाला स्कूटर ज्यादा अच्छा रहेगा या लिथियम आयन बैटरी वाला स्कूटर बेहतर रहेगा।
लेड-एसिड बैटरी
लेड-एसिड बैटरी की लागत कम होती है जिसकी वजह से इनसे लैस स्कूटर की कीमत भी काफी कम होती है। इन बैटरीज में का वजन ज्यादा होता है साथ ही ये ज्यादा जगह भी घेरती हैं। आपको बता दें कि लेड-एसिड बैटरी को थोड़े-थोड़े अंतराल के बाद सर्विसिंग की जरूरत पड़ती है। लेड-एसिड बैटरी की लाइफ भी बहुत ज्यादा नहीं होती है। अगर आप रेगुलर अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर का इस्तेमाल करते हैं तो इसकी लेड-एसिड बैटरी की लाइफ ज्यादा से ज्यादा 2 साल होती है। हालांकि इनकी कीमत कम होने की वजह से लोग लेड-एसिड बैटरी वाला स्कूटर खरीदना पसंद करते हैं। ये बैटरी चार्ज होने में 6 से 7 घंटे का समय लेती हैं साथ ही इनकी रेंज भी कम होती है।
लिथियम आयन बैटरी
लिथियम आयन बैटरी को मॉडर्न जमाने की बैटरी भी कहा जाता है क्योंकि ये कम जगह घेरती हैं, वजन में हल्की होती हैं साथ ही साथ इनकी रेंज भी काफी ज्यादा होती है। इन बैटरीज को चार्ज करने में 3 से 4 घंटे का समय लगता है। इन बैटरीज की सबसे बड़ी खासियत ये है कि इन्हें ज्यादा सर्विसिंग की जरूरत नहीं पड़ती है। हालांकि इन बैटरीज की लागत ज्यादा होती है जिसकी वजह से इनसे लैस वाहन महंगे होते हैं। हालांकि इन बैटरीज की लाइफ 4 से 5 साल तक होती जिसकी वजह से ग्राहकों को फायदा होता है। लिथियम आयन बैटरी को आप अपने स्कूटर से बाहर निकालकर इन्हें चार्ज कर सकते हैं और फिर खुद ही इसे इनस्टॉल भी कर सकते हैं। ज्यादातर लोग आजकल लिथियम आयन बैटरी वाले इलेक्ट्रिक स्कूटर ही खरीदना पसंद कर रहे हैं।
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