2030 तक एक करोड़ के पार होगी पुरानी कारों की सालाना बिक्री, मारुति सुजुकी स्विफ्ट लोगों की पहली पसंद
कैलेंडर 2023 के दौरान 46 लाख पुरानी कारों की बिक्री हुई। 2030 में 1.08 करोड़ पुरानी कारें बेचे जाने का अनुमान है। पुरानी कारों की बिक्री में 13 प्रतिशत की वृद्धि होगी और एसयूवी की हिस्सेदारी कुल पुरानी कार बिक्री में 2030 तक 16.7 प्रतिशत है। महाराष्ट्र उत्तर प्रदेश और दिल्ली पुरानी कारों की बिक्री के मामले में अग्रणी हैं।

ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। देश में नई कारों के साथ पुरानी कारों की भी बिक्री खूब बढ़ रही है। आनलाइन प्लेटफार्म कार्स24 ने ताजा रिपोर्ट में कहा है कि वर्ष 2030 तक देश में पुरानी कारों की सालाना बिक्री एक करोड़ के पार पहुंच जाएगी। खास बात यह है कि पुरानों की बिक्री शहरी और छोटे कस्बों दोनों में बढ़ेगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और दिल्ली पुरानी कारों की बिक्री के मामले में अग्रणी हैं। आइए जानते हैं रिपोर्ट की खास बातें।
मारुति सुजुकी स्विफ्ट पहली पसंद
पुरानी कार खरीदने वाले ग्राहकों के बीच मारुति सुजुकी स्विफ्ट पहली पसंद बनी हुई है और महानगर व गैर-महानगर दोनों प्रकार के शहरों में इसको पसंद किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त हुंडई सैंट्रो, टाटा टियागो एनआरजी और मारुति वैगन आर जैसे माडल लगातार रीसेल वैल्यू प्रदान कर रहे हैं और बजट के प्रति जागरूक खरीदारों के बीच उनकी लोकप्रियता मजबूत बनी हुई है।
कर्ज पर बढ़ रही निर्भरता
रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2010 में कुल नई कारों में से 60 प्रतिशत लोन पर खरीदी जाती थीं। 2024 में इनकी हिस्सेदारी बढ़कर 84 प्रतिशत पर पहुंच गई है। इससे पता चलता है कि नई कार का मालिक बनने के लिए ग्राहकों की कर्ज पर निर्भरता बढ़ रही है।
ग्राहकों की प्राथमिकताएं
अधिक किफायती और भरोसेमंद विकल्पों की ओर बदल रही हैं। इसलिए नई कार बाजार की तुलना में पुरानी कारों के बाजार में तेजी देखी जा रही है। कोरोना के बाद उपभोक्ता प्राथमिकताओं में भी महत्वपूर्ण बदलाव देखा गया है। 12 प्रतिशत कार खरीदार साझा परिवहन की तुलना में सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यक्तिगत मोबिलिटी को प्राथमिकता दे रहे हैं।
गजेंद्र जांगिड, सहसंस्थापक, कार्स24
यह भी पढ़ें- 1 लाख की Down Payment में Maruti Wagon R का CNG वेरिएंट लाएं घर, हर महीने इतनी देनी होगी EMI
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।