नई दिल्ली, नंद कुमार नायर। मारुति सुजुकी भारत की सबसे बड़ी कार कंपनी है और हर महीने औसतन डेढ़ लाख से ज्यादा गाड़िया बेचती है। साल दर साल की बात करें तो जुलाई 2021 के मुक़ाबले जुलाई 2022 में 8% की बढ़त देखी गयी। शुरूआत में ही इन आंकड़ों को आपके साथ बांटने की दो वजह है, पहली वो नयी SUV जिसे हमने चलाया और आपके लिए परखा और दूसरी वो जगह जहां हमने इस गाड़ी को चला कर यह जाना की भारतीय सड़को के लिए ये गाड़ी कितनी तैयार है। गाड़ी का नाम है Grand Vitara और इस गाड़ी को मारुति सुजुकी के ख़ास न्यौते पर उनके रोहतक में बनाये गए विश्व स्तरीय R&D सेंटर में हमने परखा।

700 एकड़ में फैले इस R&D सेंटर में अब तक करीब 4000cr का निवेश किया गया है और यहां पर विश्वस्तरीय गाड़ियों को तैयार किया जाता है। इस R&D सेंटर में हमने जो देखा वो बेहद चौकाने वाला था, लेकिन उसके बारे में तफ्सील से जानने के लिए हमारे अगले लेख का इंतज़ार करें अभी कहानी Grand Vitara की और उस अनुभव की जो हमने इस गाड़ी को चला कर यहां महसूस किया।

किसी भी गाड़ी को टेस्ट करने से पहले हम कुछ बातों का ध्यान रखते है लेकिन मुख्यत: हमारा एक ही मक़सद रहता है की ग्राहक के लिए ये कितनी फायदेमंद है। आपके फायदे से शुरूआत करते है कैसी चलती है और माइलेज के मामले में कैसी है। इस गाड़ी की माइलेज है 27.97kmpl यानि की देश की सबसे ज्यादा पेट्रोल बचाने वाली गाड़ी है और इसकी एक बहुत बड़ी वजह है इसमें दिया गया हाइब्रिड सिस्टम जिसे टोयोटा के साथ मिलकर तैयार किया गया है।

रोहतक में मौजूद इस प्लांट में कुल 33 ट्रैक है, जिनमे 150 किस्म के अलग अलग - अलग ट्रैक पैटर्न दिए गए है। समय की कमी के चलते हमने Grand Vitara को हाई स्पीड, हाईवे और सिटी सर्किट पर ही परखा। शुरूआत हुई स्ट्रांग हाइब्रिड के साथ जिसमे 1.5-लीटर पेट्रोल इंजन के साथ इलेक्ट्रिक मोटर को जोड़ा गया है जो की सेल्फ चार्ज होती है। पेट्रोल इंजन 91 bhp की पावर और 122 Nm का टार्क देता है जबकि इलेक्ट्रिक मोटर से 79 bhp की पावर मिलती है यानि की कुल 114bhp की पावर से ये गाड़ी लैस है। इस गाड़ी के साथ eCVT दिया गया है जो की अपना काम बिना किसी शिकायत के करता है।

इसमें Pure EV का विकल्प भी दिया गया है लेकिन इसका काम करना इस बात पर निर्भर करता है की आपकी बैटरी कितनी चार्ज है। करीब 30 कम तक की रफ़्तार तक आप इसे Pure EV मोड में चला सकते है लेकिन स्पीड बढ़ते है पेट्रोल में स्विच हो जाती है और यह बदलाव इस खूबसूरती से आता है की आप digital instrument cluster या टच स्क्रीन पर देखकर ही drive modes या battery charging स्टेटस का जानकारी ले सकते है। एक बात और यह digital instrument cluster आपको केवल टॉप वैरिएंट में ही मिलेगा। हाई स्पीड ट्रैक पर 120km की रफ़्तार तक हमने इस गाड़ी को जांचा और इंजन और गियरबॉक्स दोनों ने प्रभावित किया।

टायर्स देखने में बाहर से छोटे लग रहे थे लेकिन रोड पर अच्छी पकड़ लग रही थी। बहुत ज्यादा रेस देना यानि इंजन और गियरबॉक्स दोनों पर दबाव नतीजा सड़क और इंजन दोनों की शोर, शिकायत और एक झिझक जो आपको हाईवे पर क्विक ओवरटेकिंग के वक़्त परेशान कर सकती है। हमारी माने तो इस गाड़ी को तभी ले जब आप इत्मीनान से गाड़ी चलाने में यकीन करते है।

स्ट्रांग हाइब्रिड के बात अब बारी थी माइल्ड - हाइब्रिड की, गौरतलब है की इस तकनीक मारुती पहले भी अपनी गाड़ियों में इस्तेमाल कर चूकी है। इस गाड़ी में 5-speed manual और 6-speed torque convertor मिलेगा। मैन्युअल में आपको आल व्हील ड्राइव सिस्टम भी दिया गया है। लेकिन मैन्युअल गियरबॉक्स वाली गाड़ी को हम यहां नहीं टेस्ट कर पाए, इस गाड़ी में जो मोड्स दिए गए है उसमे लॉक मोड भी दिया गया है जो की all-wheel drive को व्यस्त रखता है । AWD की बात हो Jimny का नाम न आये ऐसा हो नहीं सकता तो अपने पाठको को इस बात का यकीन दिला दे की अगले साल होने वाले ऑटो एक्सपो में शो स्टॉपर का काम करेगी यह Jimny। चलिए वापस अपनी मौजूदा SUV Grand Vitara पर आते है , इस गाड़ी में इंटीरियर कुछ बदले - बदले नज़र आये जरूरी भी है क्योकि इन दोनों गाड़ियों के कीमत में भी काफी अंतर दिख रहा है।

अगर आपने नई ब्रेजा को चलाया या देखा है तो आप चौंकेगे नहीं, इंजन भी वही है 102 bhp वाला 1.5 litre K-series dual jet , मारुती के ट्रैक्स पर इन गाड़ियों को समझना थोड़ा आसान रहा और एक बात साफ़ थी की सड़क पर दोनों गाड़ियों का व्यवहार बेहद अलग है, खासकर स्टीयरिंग जो की बेहद हल्का लगा यानि सिटी ट्रैफिक में बल्ले-बल्ले।

कुल 6 वैरिएंट है जो की मारुती की इस नयी SUV में मिलेंगे लेकिन माइल्ड हाइब्रिड में चाहे मैन्युअल हो या AT आपको zeta + और alpha + नहीं मिलेगा ठीक इसके विपरीत स्ट्रांग हाइब्रिड में आपको केवल zeta + और alpha + मिलेंगे बाकि चार वैरिएंट में आप गाड़ी नहीं खरीद सकते। इसी तरह AWD भी आपको दो वैरिएंट यानि zeta और अल्फा में मिलेगा।

माइल्ड हाइब्रिड में ये गाड़ी 20. 53 kmpl की माइलेज देने में सक्षम है। गाड़ी की हैंडलिंग विश्व स्तरीय दिखी तो राइड क्वालिटी भी लाजवाब और इन सभी पैमानों पर मारुती और सुजुकी के engineers ने उम्दा काम किया जिसका फायदा भारत में टोयोटा को भी मिलेगा जो की इस गाड़ी HYRYDER के नाम से बाजार में उतार रही है

इन हाइब्रिड गाड़ियों को चलाने के बाद एक बात और स्पष्ट हो गयी की मुक़ाबले में केवल क्रेता, सेल्टोस या हेक्टर नहीं बल्कि सिटी हाइब्रिड भी आती है। इस गाड़ी को सितम्बर के मध्य में उतारा जायेगा और उस वक़्त हम इस गाड़ी का रिव्यू विस्तार से ले कर आएंगे।

टोयोटा के शोरूम में तीसरी गाड़ी होगी जो की सुजुकी द्वारा बनायीं गयी है लेकिन इस बार मुक़ाबला है बड़ा , सुजुकी - टोयोटा की इस दोस्ती और मुक़ाबले की जानकारी भी आपको अपने आने वाले लेख में हम तफ्सील से देने की कोशिश करेंगे। इस वक़्त एक बात साफ़ है की ग्रैंड - विटारा के साथ मारुती ने एक और बेहतरीन गाड़ी ग्राहकों के लिए तैयार की है अब इंतज़ार है तो कीमत का जो की मुक़ाबले में मौजूद कंपनियों के बहुत बड़ी सरदर्दी का कारण बन सकता है।

Edited By: Atul Yadav