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    Bharat NCAP की क्यों है जरूरत, Maruti, Tata और Mahindra जैसी कंपनियों का इसके बारे में क्या है रवैया

    By Rammohan MishraEdited By: Rammohan Mishra
    Updated: Mon, 17 Jul 2023 08:00 PM (IST)

    Global NCAP की तर्ज पर भारत में भी कारों का क्रैश टेस्ट शुरू हाने वाला है। ऐसे में ये सवाल उठता है कि पहले से Global NCAP होते हुए भी देश में Bharat NCAP की क्या जरूरत पड़ गई और इसको लेकर देश की कार कंपनियों ने क्या कहा? अपने इस लेख में हम आपको इस संबंध में ही बताने जा रहे हैं।

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    Why Bharat NCAP is needed so much in India

    नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। देश में लगातार हो रहे सड़कों में सुधार के साथ-साथ गाड़ियों को भी सुरक्षित बनाए जाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके चलते हदेश में जल्द ही Bharat NCAP शुरू होने वाला है। इसके आ जाने के बाद देश की सड़कों पर चलने वाली कारों के लिए ज्यादा सुरक्षित होना जरूरी हो जाएगा।

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    आसान भाषा में समझें तो Global NCAP की तर्ज पर भारत में भी कारों का क्रैश टेस्ट शुरू हाने वाला है। ऐसे में ये सवाल उठता है कि पहले से Global NCAP होते हुए भी देश में Bharat NCAP की क्या जरूरत पड़ गई? अपने इस लेख में हम इसे ही जानने के की कोशिश करें और ये भी बताएंगे कि सरकार के इस फैसले पर कार कंपनियों ने क्या प्रतिक्रिया दी है।

    Bharat NCAP की क्यों पड़ी जरूरत?

    कई लोगों के मन में ये सवाल होगा कि जब पहले से क्रैश टेस्ट हो ही रहे हैं तो Bharat NCAP की क्या जरूरत है। दरअसल बात ये है कि अभी तक जो भी क्रैश टेस्ट हो रहे हैं, वो भारत की सड़को के मुताबिक नहीं हैं। अभी देश में जो Bharat NCAP यानी Bharat New Car Assessment Programme शुरू होने वाला है ये देश की सड़को के हिसाब से किया जाता है।

    लेटेस्ट जानकारी के मुताबिक भारत में 1 अक्टूबर से क्रैश टेस्ट शुरू होने वाला है। Bharat NCAP की मदद से देश की सभी कार निर्माता कंपनियों के बीच में हेल्दी कंपटीशन शुरू होने की उम्मीद है, इसकी वजह से देश की कारें और सुरक्षित हो जाएंगी।

    देश की कार कंपनियों ने क्या कहा?

    MoRTH के इस फैसले पर देश की दिग्गज ऑटोमोबाइल कंपनियों के बयान आए हैं। महिंद्रा एंड महिंद्रा और टाटा मोटर्स ने इसे भारत एनसीएपी पेश करने के लिए एक साहसिक कदम बताया है। महिंद्रा एंड महिंद्रा में ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी और उत्पाद विकास के अध्यक्ष वेलुसामी आर ने पीटीआई के हवाले से कहा,“ महिंद्रा में हम मानते हैं कि यह सड़क परिवहन मंत्रालय के साहसिक कदमों में से एक है और हम भारत एनसीएपी के कार्यान्वयन का स्वागत करते हैं।

    यह भी उम्मीद की जाती है कि सरकार को सुरक्षित कार बनाने वाले ओईएम को कुछ लाभ देना चाहिए ताकि उन्हें ऐसा करना जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके। इससे ओईएम को अपनी कारों को अधिक सुरक्षित बनाने और उचित कीमतों पर भारतीय ग्राहकों को पेश करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।''

    वहीं, देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी का कहना है कि भारत में बेची जाने वाली मारुति कारें काफी सुरक्षित हैं और नए परीक्षण इसे प्रमाणित करने में मदद करेंगे। मारुति सुजुकी इंडिया के कार्यकारी अधिकारी (कॉर्पोरेट मामले) राहुल भारती ने कहा, "सैद्धांतिक रूप से, ग्राहक की जानकारी और प्रामाणिक जानकारी के माध्यम से ग्राहक को सशक्त बनाना हमेशा एक सकारात्मक और स्वागत योग्य कदम है, इसलिए मारुति सुजुकी इसका समर्थन करेगी।"

    किआ और स्कोडा अन्य दो कार निर्माता हैं जिन्होंने आधिकारिक तौर पर इस कदम का स्वागत किया है। स्कोडा ऑटो इंडिया के ब्रांड निदेशक पेट्र सोलक ने कहा, "सुरक्षा एक महत्वपूर्ण पहलू है और सक्रिय और निष्क्रिय सुरक्षा विशेषताएं, कार की संरचना के साथ-साथ चालक और उनके परिवार को सुरक्षित रखती हैं। स्कोडा आगे बढ़ने के लिए सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखेगा।"

    कैसे होगा कारों का टेस्ट?

    Bharat NCAP के तहत, कारों का विभिन्न परिदृश्यों में क्रैश परीक्षण किया जाएगा और उनके परिणामों के आधार पर एक से पांच तक रेटिंग दी जाएगी। क्रैश टेस्ट में 60 किमी प्रति घंटे से अधिक की गति से फ्रंटल, साइड और पोल-साइड प्रभाव शामिल होंगे। इसके बाद एजेंसी वाहनों को वयस्क और बाल सुरक्षा मानकों पर रेटिंग देगी। ये स्टार रेटिंग 0 से लेकर 5 स्टार तक दी जा सकती है।