नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। कोरोना काल के बाद से सेकेंड हैंड गाड़ियों का चलन काफी तेजी से बढ़ता जा रहा है और यही वजह है कि वाहन रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) बनवाने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। आरसी ट्रांसफर करवाना आसान तरीका है अगर हम इस पूरे प्रॉसेस को समझते हैं तो वाहन मालिक की मालिकाना किसी अन्य को ट्रांसफर करने में कोई दिक्कत नहीं होती है।

गाड़ी खरीदते समय वाहन मालिक से जरूर मांगे ये डॉक्यूमेंट्स

अगर आप सेकेंड हैंड कार खरीद रहे हैं तो वाहन मालिक से कुछ जरूर गाड़ी के डॉक्यूमेंट्स को जरूर मांगे, जिसमें मूल आर.सी., बीमा पॉलिसी (आपको पॉलिसी की वैधता की जांच करनी चाहिए), पीयूसी (प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र) की प्रति, रोड टैक्स संबंधी दस्तावेज, सर्विस हिस्ट्री, वारंटी से संबंधित सभी दस्तावेज, गाड़ी का चालान हिस्ट्री शामिल है।

बिक्री समझौता के लिए भरना होगा ये फॉर्म

आमतौर पर वाहन बिक्री के दौरान 2 फॉर्म की आवश्यकता होती है। ये फॉर्म 29 और 30 हैं। इन 2 फॉर्मों में से, आपको फॉर्म 29 की 2 कॉपी के साथ फॉर्म 30 की सिर्फ एक कॉपी अपने स्थानीय आरटीओ (क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय) को जमा करनी होगी। यदि किसी उधार देने वाली संस्था द्वारा कोई बाहरी फाइनेंस किया गया है, तो आपको ऋणदाता से अनापत्ति प्रमाण पत्र के साथ फॉर्म 35 भी पेश करना होगा। इसके अलावा, नीलामी के माध्यम से कार आरसी के हस्तांतरण के मामले में फॉर्म 32 आवश्यक होगा।

यदि आप कोई वाहन बेच रहे हैं, तो आपको निम्न दस्तावेज भी कम से कम तब तक अपने पास रखने चाहिए जब तक कि आपका वाहन पूरी तरह से उसके नए मालिक को हस्तांतरित नहीं हो जाता। उसके बाद भी, नीचे सूचीबद्ध इन सभी दस्तावेजों के लिए एक फ़ोल्डर बनाए रखने की सलाह दी जाती है।

इन डॉक्यूमेंट्स को एक फोल्डर में रखें

बीमा पॉलिसी और मूल आरसी दस्तावेजों की प्रति, फॉर्म 29 और फॉर्म 30 की प्रतियां, यदि कोई अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं है, तो फॉर्म 28 की प्रति भी रखनी होगी, प्रासंगिक आरटीओ से संबंधित वाहन के कर संबंधी दस्तावेज भी अपने पास जरूर रखें।

Edited By: Atul Yadav