नई दिल्ली (ऑटो डेस्क)। हाल ही के दिनों में कुछ इस तरह की घटनाएं सामने आई हैं जिसमें कार खरीदार डीलरशिप्स पर धोखा खाते हैं। कुछ समय पहले ही टाटा मोटर्स के एक डीलर पर नई कार दिखाकर पुरानी कार बेचने के मामले का जुर्माना लगाया गया है। बता दें, इस मामले में डीलर और सर्विस सेंटर दोनों पर ही जुर्माना लगाया गया। वहीं, दूसरे मामले में एक डीलरशिप्स से कार खरीदने पर कोट मांगा गया तो उसे हैंडलिंग चार्जेज के साथ कोट दिया गया और डीलर की ओर से हैंडलिंग चार्जेज में लॉजिस्टिक्स और दूसरे खर्चों को भी शामिल किया गया, जो कि नहीं होना चाहिए। तो आइए जानते हैं कि कार खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए जिससे आपको धोखा ना हो।

1. प्री-डिलिवरी इंस्पेक्शन

त्योहारी सीजन के दौरान कार शोरूम में सबसे ज्यादा डिमांड होती है तो जल्द बाजी के चक्कर में लोग प्री-डिलिवरी इंस्पेक्शन नहीं कर पाते। इसलिए अगर आप कार लेने जा रहे हैं तो इस बात पर ध्यान दें, ताकि किसी प्रकार की खराबी के बारे में पहले ही पता चल जाए।

2. कभी न दें इस तरह के चार्ज

जैसा कि ऊपर बताया कि कार खरीदते समय हैंडलिंग चार्जेज का मामला सामने आया तो बता दें इस तरह का मामला नया नहीं है। ऐसे कई और मामले सामने आए हैं और कोर्ट ने भी कई बार ग्राहकों के पक्ष में फैसले सुनाए हैं और डीलर या मैन्युफैक्चरर्स को निर्देश दिए हैं कि वह इसे हटाएं और ग्राहकों को एक्स-शोरूम कीमत, टैक्स, रजिस्ट्रेशन और इंश्योरेंस कॉस्ट के साथ ही कार दें। इसके अलावा कोई अतिरिक्त राशि न लें।

3. डिस्काउंट के बारे में पूछताछ करें

डीलर्स की ओर से कई बार नए और पुराने मॉडल्स पर डिस्काउंट दिए जाते हैं। ऐसे में आप हमेशा कार खरीदते समय डीलर्स से डिस्काउंट के बारे में जरूर पूछताछ करें। इसके अलावा हमेशा व्हीकल आइडेंटिफिकेशन नंबर (VIN) चेक करना न भूलें क्योंकि इससे कार की मैन्युफैक्चरिंग डेट के बारे में पता लग जाता है। बता दें, VIN नंबर ज्यादातर इंजन-बे में पाया जाता है।

4. एक्सेसरीज का भी रखें ध्यान

आमतौर पर ज्यादातर नई कारों के साथ एक्सेसरीज आती हैं। म्यूजिक सिस्टम एक अहम एक्सेसरीज होती है और आप चेक कर लें कि यूएसबी डिवाइस, ऑक्स वायर और सीडी सही ढंग से काम कर रही है या नहीं। इसके अलावा आप सेंट्रल लॉक, पार्किंग सेंसर्स और कैमरा जैसे फीचर्स को भी अच्छी तरह से चेक कर लें।

5. पेपरवर्क पर रखें अच्छे से ध्यान

नई कार खरीदने का फैसला हमेशा अहम रहता है तो इसलिए आपको इसे करने में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। आप हमेशा अपने डॉक्यूमेंट्स को जैसे वैट इनवॉयस, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट या फिर टेम्पररी रजिस्ट्रेशन (फॉर्म 19) की ठीक तरह से जांच कर लें। इसमें यह भी चेक करें कि आपका नाम, इंजन नंबर, चेसी नंबर और व्हीकल नंबर सही तरह से लिखा गया है या नहीं। इसके अलावा आप इंश्‍योरेंस सर्टि‍फि‍केट, ऑरि‍जनल पीयूसी सर्टि‍फि‍केट, यूजर मैनुअल और बैटरी, स्‍टीरि‍यो और टायर्स के लि‍ए ऑरि‍जनल वारंटी कार्ड्स भी मांगे।

Posted By: Ankit Dubey

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप