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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 19, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Petrol vs Electric Scooter: इलेक्ट्रिक या पेट्रोल स्कूटर, जानें कौन है बेहतर

Published: Fri, 19 Jul 2024 01:13 PM (GMT+05:30)

Petrol vs Electric Scooter हम यहां पर आपको बता रहे हैं कि इलेक्ट्रिक और पेट्रोल स्कूटर में से कौन बेहतर ...और पढ़ें

इलेक्ट्रिक और पेट्रोल स्कूटर में से कौन सबसे अच्छा?
इलेक्ट्रिक और पेट्रोल स्कूटर में से कौन सबसे अच्छा?

HighLights

  1. इलेक्ट्रिक स्कूटर से कम प्रदूषण फैलता है।
  2. पेट्रोल स्कूटर का रखरखाव ज्यादा है।
  3. ईवी को चार्ज करने में कई घंटे या पूरी रात लग जाती है।

ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। हाल के कुछ वर्षों से इलेक्ट्रिक स्कूटर की डिमांड पेट्रोल स्कूटर की तुलना में बढ़ी है। वहीं, बहुत से लोग इलेक्ट्रिक स्कूटर पर्यावरण के अनुकूल और कुशल परिवहन के साधन के रूप में भी खरीद रहे हैं। वहीं, भारतीय बाजार में लंबे समय से पेट्रोल इंजन वाल स्कूटर का बोलबाला है। वहीं, यह काफी समय से मार्केट में बिक रहे हैं। आइए जानते हैं कि इलेक्ट्रिक और पेट्रोल स्कूटर में से कौन-सा बेस्ट है और किसे खरीदना किफायती रहेगा।

पेट्रोल स्कूटर

यह स्कूटर पेट्रोल के फ्यूल पर चलता है। जिसका इस्तेमाल वर्षों से व्यापक रूप में किया जा रहा है। यह छोटी दूरी का सफर तय करने के लिए एक सुविधाजनक और कुशल तरीका है। इसमें पेट्रोल से चलने वाला इंजन होता है। इंजन को पेट्रोल से फ्यूल मिलता है, फ्यूल के टैंक को आमतौर पर सीट के नीचे दिया जाता है। पेट्रोल स्कूटर एक लीटर में तकरीबल 50 किमी से 60 किमी के बीच का माइलेज देते हैं।

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इलेक्ट्रिक स्कूटर

इसे आपतौर पर ई-स्कूटर के नाम से जाना जाता है। यह पूरी तरह से इलेक्ट्रिक मोटर पर चलती है। इसे छोटी दूरी की यात्रा के लिए डिजाइन किया गया है। इसने हाल के वर्षों में परिवहन के सुविधाजनक और पर्यावरण-अनुकूल साधन के रूप में लोकप्रियता हालिस की है। वहीं, यह रिचार्जेबल बैटरी पर चलते हैं। जिससे फ्यूल की जरूरत नहीं पड़ती है और कार्बन का उत्सर्जन भी बहुत कम होता है। इन स्कूटरों को भीड़-भाड़ वाले शहरी इलाकों में या छोटी यात्राओं को पूरा करने के लिए काफी किफायती माना जाता है।

इलेक्ट्रिक स्कूटर

इलेक्ट्रिक और पेट्रोल स्कूटर के बीच अंतर

  • इलेक्ट्रिक स्कूटर रिचार्जेबल बैटरी के जरिए चलती है, जबकि पेट्रोल स्कूटर फ्यूल से चलने वाले इंजन पर निर्भर होते हैं।
  • इलेक्ट्रिुक स्कूटर वायु प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन को कम करने में योगदान करते हैं। वहीं, पेट्रोल स्कूटर से निकलने वाला धुआं वायु प्रदूषण को बढ़ाता है।
  • इलेक्ट्रिक स्कूटर पेट्रोल स्कूटर की तुलना में बहुत ही शांत तरीके से चलते हैं। इनके इलेक्ट्रिक मोटर कम शोर पैदा करते हैं। वहीं, पेट्रोल स्कूटर अपने दहन इंजन के कारण इंजन काफी शोर करते हैं, जिससे ध्वनि प्रदूषण फैलता है।
  • ईंधन खपत के मामले में इलेक्ट्रिक स्कूटर ज्यादा किफायती हैं। इन्हें चार्ज करना पेट्रोल स्कूटर की तुलना में सस्ता पड़ता है। वहीं, पेट्रोल स्कूटर की लागत इलेक्ट्रिक की तुलना में ज्यादा होती है।
  • इलेक्ट्रिक स्कूटर का रखरखाव काफी आसान है। इनकी बैटरी रखरखाव की जरूरत होती है, जैसे कि चार्जिंग और समय-समय पर बैटरी का बदलना। वहीं, पेट्रोल स्कूटर की बात करें तो इनका रखरखाव इलेक्ट्रिक से ज्यादा होता है। समय-समय पर तेल बदलने, स्पार्क प्लग बदलने और दूसरे रखरखाव कार्यों की जरूरत होती है।
  • इलेक्ट्रिक स्कूटर सिमित रेंज के साथ आती है, जो बैटरी क्षमता पर निर्भर होती है। इसके साथ ही इनकी टॉप स्पीड भी सीमित होती है। पेट्रोल स्कूटर अधिक गति प्राप्त कर सकते हैं। इनमें बड़ें फ्यूल टैंक होते हैं, जिन्हें फिल करवाने के बाद लंबी दूरी तय की जा सकती है।

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आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक स्कूटरों को भारतीय बाजार में बड़ी हिस्सेदारी मिलने की उम्मीद है। वहीं, लगातार बढ़ती पेट्रोल की कीमतों की वजह से भी लोग इसकी तरफ ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं। दोनों ही स्कूटर के अपने-अपने फायदे हैं। हाल में शहरी इलाकों में इलेक्ट्रिक स्कूटर लोग लेना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। वहीं, ग्रामिण इलाकों में अभी लोग पारंपरिक पेट्रोल स्कूटर लेना पसंद कर रहे हैं।