नई दिल्ली (ऑटो डेस्क)। हर बीतते साल के साथ जलवायु का परिवर्तन होना और तापमान में लगातार बढ़ोतरी आना वास्तविक है। यह वर्ष भी कुछ अलग नहीं है और देश के कुछ हिस्सों में अभी से ही सबसे अधिक तापमान दर्ज किया जा रहा है, जो सभी पर भारी पड़ रहा है। जो लोग गाड़ियों से चलते हैं और चिलचिलाती गर्मी को मात देने के लिए अपनी कार का AC इस्तेमाल करते हैं, वह लोग भी आज AC चलाने के बावजूद कार के केबिन के अंदर पैदा होने वाली गर्मी से बेहद परेशान हैं। इस गर्मी में हम आपकी गाड़ी के लिए कुछ सुझाव लेकर आए हैं कि किस तरह से आप अपनी गाड़ी को ठंडा रख सकते हैं।

AC फिल्टर को बदलें या साफ करें

गर्मियों के दौरान अपने कार के केबिन को ठंडा रखने का सबसे अच्छा तरीका एयर कंडीशनिंग सिस्टम का सही तरीके से काम करना है। इसका मतलब है कि समय-समय पर बेहतर रखरखाव और मरम्मत होती रहनी चाहिए। इसी दौरान आपके लिए सबसे बेसिक जांच की जो जरूरत है वह है एयर फिल्टर यूनिट की जांच करना। गंदा फिल्टर केबिन में केवल खराब गुणवत्ता वाली हवा को ही प्रसारित करेगा, जिसका मतलब है कि आप न केवल खराब हवा की सांस लेते हैं, बल्कि यह ईंधन दक्षता को भी कम करता है। इसलिए यह सबसे जरूरी है कि आप हमेशा अपनी कार के AC फिल्टर को साफ रखें। यदि AC चलाने के दौरान आपकी कार के माइलेज पर ज्यादा असर पड़ रहा है तो आपको फिल्टर बदलने की जरूरत पड़ेगी। अब आपकी कार पर काम करना कितना आसान या कठिन है, इसके आधार पर फिल्टर को आपके द्वारा बदला जा सकता है या आपको सर्विस सेंटर पर भी जाने की आवश्यकता होगी। क्या आपके वाहन के AC फिल्टर को बदलने की आवश्यकता है, यह देखने के लिए आप हमेशा खुद से मैनुअल जांच करें। Toyota Innova का Amazon पर AC फिल्टर खरीदने के लिए यहां क्लिक करें।

AC को Low मोड में करें शुरू

अब आप चिलचिलाती धूप में अपनी कार में जैसे ही बैठते हैं, तो आप AC को फुल मोड पर कर देते हैं जो कि गलत माना जाता है। AC की शुरुआत लो स्पीड पर करनी चाहिए जिससे सिस्टम को लॉन्ग लाइफ तक बनाए रखने में मदद मिलती है और आपके शरीर को धीरे-धीरे बदलते ठंडे तापमान के अनुकूल होने की अनुमति मिलती है। AC को फुल मोड पर चलाने से केवल सिस्टम पर दबाव बनता है और गर्मियों के दौरान आपकी ईंधन दक्षता को कम करता है। इसलिए हमारी सलाह यही होगी कि आपने जैसे ही AC चालू किया है वैसे ही खिड़की खोल दें और लो मोड पर AC ऑन कर दें ताकि पहले केबिन के अंदर मौजूद सारी गर्म हवा बाहर निकल जाए।

री-सर्कुलेशन मोड का करें इस्तेमाल

केबिन एक बार पर्याप्त ठंडा होने के बाद यदि आप री-सर्कुलेशन मोड को चालू करते हैं तो यह मदद करेगा। यह सुनिश्चित करता है कि एयर कंडीशनिंग सिस्टम बाहर से हवा नहीं सोखेगा और फिर से इसे ठंडा करेगा। इसके अलावा यह केबिन में हवा का फिर से उपयोग करेगा, जिसके लिए समग्र तापमान कम रखने के लिए सिस्टम पर कम प्रयास की आवश्यकता होती है।

AC को करें बंद

थंब रूल के हिसाब से यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इंजन बंद करते समय AC बंद किया है या नहीं। हालांकि, फैन ऑन रख सकते हैं, जो केबिन में मौजूद सूखी हवा को बाहन निकालता है और इससे जमा हुई फफूंदी को साफ करने में मदद मिलती है। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि केबिन के अंदर काई या बैक्टिरिया का निर्माण न हो, खासकर उन स्थान पर जहां पहुंचना मुश्किल हो। इसके अलावा AC बंद होने के बाद फैन कुछ मिनटों के लिए ठंडी हवा सर्कुलेट करता है, जो ज्यादा माइलेज में मदद करता है।

कूलेंट की करें जांच

समय पर चेक और पार्ट्स का रिप्लेसमेंट न केवल बड़ी मरम्मत लागत को कम करते हैं बल्कि AC यूनिट पर लोड को कम करने में भी मदद करते हैं। हमेशा यह सुनिश्चित करें कि ग्रीष्मकाल की शुरुआत से पहले ही अपनी कार और AC यूनिट की सर्विस कराएं ताकि अगले कुछ महीनों में AC और कार दोनों स्मूथ चलें। कार के कूलेंट लेवल पर भी जांच करें और देखें कि सिस्टम में रेफ्रिजरेंट को बदलना पड़ सकता है या नहीं। याद रखें पानी की बोतलें केबिन में रखना न भूले क्योंकि पानी केवल पीने के लिए नहीं बल्कि जरूरत पड़ने पर वाहन को टॉप अप भी कर सकते हैं। इसके अलावा कार के बूट में भी कुछ कूलेंट हमेशा रखें। इंजन ऑयल Amazon पर खरीदने के लिए यहां क्लिक करें।

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Posted By: Ankit Dubey

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