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    Budh Gochar 2025: बुध गोचर का मेष, वृष और मिथुन राशि के जातकों पर क्या पड़ेगा असर?

    बुध देव के इस गोचर से मेष मिथुन सिंह कन्या तुला और कुंभ राशि वालों को लाभ मिल सकता है। वहीं कर्क वृश्चिक मकर और मीन राशि वालों को कुछ मानसिक उलझनों या व्यावहारिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। चलिए ऐस्ट्रॉलजर आनंद सागर पाठक जी (astropatri.com) से जानते हैं इस विषय में।

    By Jagran News Edited By: Pravin KumarUpdated: Wed, 04 Jun 2025 08:00 AM (IST)
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    Budh Gochar 2025: मेष, वृष और मिथुन के लिए कैसा रहेगा बुध गोचर?

    आनंद सागर पाठक, एस्ट्रोपत्री। 6 जून 2025 को बुध देव मिथुन राशि में प्रवेश कर रहे हैं, जिससे हर राशि की कुंडली में कोई न कोई विशेष भाव सक्रिय होगा। यह गोचर कई लोगों के लिए स्पष्ट सोच, संवाद क्षमता और निर्णय लेने की ताकत बढ़ा सकता है। वहीं, कुछ लोगों के लिए यह मानसिक ओवेरक्टिविटी या संवाद में उलझनों का कारण भी बन सकता है। कुल मिलाकर, यह एक मिश्रित फल देने वाला गोचर है। ऐसे में चलिए जानते हैं कि बुध गोचर का समय मेष, वृष और मिथुन राशि के जातकों के लिए कैसा रहने वाला है।

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    मेष  – बुध गोचर 6 जून 2025:

    बुध देव आपकी कुंडली के तृतीय और षष्ठ भाव के स्वामी हैं। 6 जून को वे आपके तृतीय भाव से गोचर करेंगे, जो साहस, संवाद और लघु यात्राओं का भाव माना जाता है। यह बुध के लिए एक सशक्त स्थिति मानी जाती है। इस समय आप मानसिक रूप से अधिक सजग और विचारों को व्यक्त करने में निपुण महसूस कर सकते हैं। आत्मविश्वास बढ़ेगा और किसी काम को शुरू करने की तीव्र इच्छा रहेगी। भाई-बहनों, पड़ोसियों या सहकर्मियों से बातचीत अधिक सक्रिय हो सकती है।

    जो लोग लेखन, मार्केटिंग या संवाद से जुड़े कार्य करते हैं। उनके लिए यह समय बहुत लाभकारी रहेगा। बुध की नवम भाव पर दृष्टि आपके भीतर आध्यात्मिक जिज्ञासा और शिक्षा के प्रति रुचि जगा सकती है। आप ऑनलाइन कोर्स करने, किसी मेंटर से जुड़ने या किसी गुरु-सदृश व्यक्ति से मार्गदर्शन प्राप्त करने की ओर आकृष्ट हो सकते हैं।

    चूंकि बुध षष्ठ भाव के भी स्वामी हैं, इसलिए इस गोचर से आपकी दिनचर्या में गति आएगी, लेकिन साथ ही प्रतिस्पर्धा या दफ्तर के कामकाज में तनाव भी बढ़ सकता है। वाद-विवाद या बहस में आत्ममुग्धता से बचें। कागज़ी कार्यवाही या दस्तावेजों को लेकर अतिरिक्त सावधानी रखें। यह गोचर आपको बौद्धिक धार और सूझबूझ से बोलने की शक्ति देगा, जिससे आप भावनात्मक संतुलन बनाए रख सकते हैं।

    वृषभ – बुध गोचर 6 जून 2025:

    बुध देव आपकी कुंडली के द्वितीय और पंचम भाव के स्वामी हैं, और 6 जून को वे आपके द्वितीय भाव से गोचर कर रहे हैं। यह भाव वाणी, धन और पारिवारिक मूल्यों से जुड़ा होता है। बुध की स्थिति यहाँ आपकी पैसों को संभालने की क्षमता को तेज कर सकती है। आप बजट बनाने, बचत बढ़ाने या आय के नए स्रोत तलाशने में रुचि दिखा सकते हैं।

    पारिवारिक बातचीत अब अधिक व्यावहारिक और समाधान-केंद्रित हो सकती है। आपकी वाणी में असर होगा। आप जो बोलेंगे, उसका प्रभाव पड़ेगा। इसलिए शब्दों का प्रयोग सोच-समझकर और सौम्यता से करें। आपको पारिवारिक मामलों में सलाह देने या कोई उलझन सुलझाने की ज़िम्मेदारी भी मिल सकती है।

    बुध की दृष्टि अष्टम भाव पर पड़ रही है, जो छिपे हुए आर्थिक विषयों, गुप्त चिंताओं या मानसिक उथल-पुथल से जुड़ा होता है। टैक्स, ऋण या साझा संपत्ति से जुड़ी कोई बात सामने आ सकती है। रिश्तों में साझा धन या भरोसे को लेकर कोई असहज स्थिति बन सकती है। इसलिए मानसिक रूप से गहराई में जाकर सोचने और महसूस करने की ज़रूरत है।

    पुराने ज़ख्म या कुछ अनकहे सच सामने आ सकते हैं। ऐसे समय में भावनाओं की बजाय तर्क और विवेक से काम लेना बेहतर रहेगा। कुल मिलाकर यह बुध गोचर वाणी और आर्थिक मामलों में शुभ संकेत देता है, लेकिन भावनात्मक और साझा वित्तीय मामलों में सावधानी की भी मांग करता है।

    मिथुन  – बुध गोचर 6 जून 2025:

    मिथुन राशि के जातकों के लिए यह गोचर बहुत ही प्रभावशाली है क्योंकि बुध आपके लग्नेश और चतुर्थ भाव के स्वामी हैं और इस समय स्वयं आपकी ही राशि में, यानी प्रथम भाव में गोचर कर रहे हैं। आप खुद को ज्यादा चुस्त, मानसिक रूप से सक्रिय और बोलचाल में प्रभावशाली महसूस करेंगे। इसका सीधा असर आपके व्यक्तित्व, विचारशक्ति और आत्म-प्रस्तुति पर पड़ेगा।

    इस दौरान आपके विचारों में स्पष्टता आएगी और लोग आपकी बातों को गौर से सुनेंगे। यदि आप किसी मीटिंग में अपने विचार प्रस्तुत कर रहे हैं या कोई प्रस्ताव रख रहे हैं, तो यह समय आपके लिए अनुकूल है। आपकी नेतृत्व क्षमता उभरकर सामने आ सकती है। हालांकि, चूँकि बुध आपकी जिज्ञासा और विश्लेषण की प्रवृत्ति को भी बढ़ा रहे हैं, इसलिए अत्यधिक सोच-विचार से थोड़ी सावधानी बरतनी होगी।

    बुध की दृष्टि आपके सप्तम भाव पर पड़ रही है, जिससे संबंधों, साझेदारियों और व्यक्तिगत संवाद में तीव्रता आ सकती है। इस दौरान जीवनसाथी या पार्टनर से बातचीत ज्यादा होगी, परंतु ध्यान रहे कि स्पष्टता रहे, लेकिन कठोरता नहीं। केवल अपनी बात कहने की बजाय दूसरों को भी सुनना जरूरी रहेगा।

    व्यावसायिक साझेदारियों में भी कोई पुनर्विचार या नई शर्तों पर चर्चा हो सकती है। कुल मिलाकर यह गोचर आपकी व्यक्तिगत पहचान को मजबूत करता है, साथ ही रिश्तों में संतुलन बनाने की सलाह देता है। यह एक सशक्त और उर्जावान समय है, बशर्ते आप भावनात्मक रूप से संतुलित रहें।

    यह राशिफल श्री आनंद सागर पाठक, astropatri.com द्वारा लिखा गया है। अपने सुझाव और प्रतिक्रियाओं के लिए आप उन्हें hello@astropatri.com पर ईमेल कर सकते हैं।