काली चौदस पर अपने मूलांक के अनुसार करें इस मंत्र का जाप, रातों-रात दूर होगी हर बाधा
काली चौदस पर मूलांक के अनुसार मंत्र जाप करने से जीवन की बाधाएं और अज्ञात भय दूर होते हैं। यह ...और पढ़ें
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बेहद चमत्कारी हैं ये मंत्र (Picture Credit: AI Generated)
HighLights
मूलांक अनुसार मंत्र जाप से काली चौदस पर पाएं शुभ फल।
मां काली और हनुमान जी की पूजा से दूर करें बाधाएं।
अकाल मृत्यु भय और अज्ञात डर से मिलती है मुक्ति।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। दिवाली के पांच दिवसीय पर्व के दूसरे दिन काली चौदस (Kali Chaudas 2026) मनाई जाती है। इस दिन मां काली और हनुमान जी की विशेष पूजा-अर्चना करने का विधान है।
काली चौदस का पर्व कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, काली चौदस की रात को मां काली की पूजा करने से जीवन की बाधाओं और अज्ञात भय की समस्या से छुटकारा मिलता है। साथ ही साधक को अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति मिलती है।
अंक शास्त्र के अनुसार, अगर व्यक्ति अपने मूलांक के अनुसार पूजा के दौरान मंत्रों का जप करता है, तो इससे शुभ परिणाम मिलते हैं, क्योंकि हर मूलांक का एक स्वामी ग्रह होता है। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको विस्तार से बताते हैं कि मूलांक 1 से लेकर 9 तक के लोगों को काली चौदस की रात किन विशेष मंत्रों का जाप करना चाहिए।
मूलांक के अनुसार मंत्र
मूलांक 1
मूलांक 1 वाले जातक सूर्य मंत्र "ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः" का जप करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस मंत्र के जप से कारोबार में वृद्धि होती है।
मूलांक 2
काली चौदस के दिन मूलांक 2 वाले जातक "ॐ चंद्राय नमः" मंत्र का जप करें। इस मंत्र के जप से मानसिक शांति प्राप्त होती है।
मूलांक 3
मूलांक 3 वालों के लिए "ॐ बृं बृहस्पतये नमः" मंत्र का जप करना फलदायी साबित होता है। इस मंत्र से कुंडली में गुरु ग्रह मजबूत होता है।
मूलांक 4
मूलांक 4 वाले जातक मां काली के उग्र मंत्र "ॐ क्रीं कालिकायै नमः" का जप करें। इससे मां काली की कृपा प्राप्त होगी।
मूलांक 5
काली चौदस के दिन मूलांक 5 वाले जातक "ॐ बुं बुधाय नमः" मंत्र का जप करें। इससे व्यक्ति की बौद्धिक क्षमता में वृद्धि होती है।
मूलांक 6
मूलांक 6 के जातक काली चौदस के दिन "ॐ शुं शुक्राय नमः" या महालक्ष्मी मंत्र का जप करें। इससे धन की देवी मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।
मूलांक 7
मूलांक 7 वालों को "ॐ कें केतवे नमः" मंत्र का जप करना चाहिए। इससे कुंडली में केतु की स्थिति मजबूत होती है।
मूलांक 8
मूलांक 8 के स्वामी ग्रह शनि देव हैं। इसलिए पूजा के दौरान "ॐ शं शनैश्चराय नमः" या महामृत्युंजय मंत्र का जप करें। इससे शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है।
मूलांक 9
मूलांक 9 वालों को "ॐ अं अंगारकाय नमः" अथवा "ॐ दुं दुर्गायै नमः" मंत्र का जप करना चाहिए।
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