सालों से रत्न पहनने के बाद भी नहीं बदला भाग्य? कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये 5 गलतियां!
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, रत्न पहनने के बाद भी लाभ न मिलने के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें गलत ...और पढ़ें

बेअसर रत्नों की पहचान करना
HighLights
कुंडली के अनुरूप न होना या रत्न का नकली होना।
रत्न का वजन कम होना या गलत धातु में पहनना।
क्षतिग्रस्त रत्न धारण करना या बार-बार उतारना भी कारण।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में शुभ फल प्राप्त करने और समस्याओं से मुक्ति पाने के लिए कई लोग रत्न पहनते हैं। अक्सर लोग इन रत्नों को अंगूठी, ब्रेसलेट और लॉकिट के रूप में पहनना सही मानते हैं।
माना जाता है कि इन रत्नों को पहनने से जीवन में चल रही तमाम परेशानियां खत्म होने लगती है लेकिन कई बार लोग रत्न को लंबे समय तक पहनने के बाद भी इसके असल का इंतजार करते हैं। जिन भी लोगों को रत्न धारण करने के बाद उसका फायदा नहीं मिल रहा, तो कुछ खास बातों को नजर अंदाज करने से बचना चाहिए।
गलत रत्न पहनना
किसी भी रत्न के काम न करने का सबसे मुख्य कारण कुंडली के अनुरूप रत्न न धारण करना। हर रत्न का संबंध किसी न किसी ग्रह से होता है।
अगर ग्रह आपके लिए लाभदायक नहीं है या जन्म कुंडली में नकारात्मक स्थिति में विराजमान हैं, तो Gemstone शायद असर न दिखाए या कभी-कभी स्थिति और भी खराब हो सकती है।
रत्न का नकली या लैब में बना होना
रत्न के काम न करने का सबसे बड़ा कारण यह भी हो सकता है कि, कई रत्न लैब में तैयार किए जाते हैं, जो सिंथेटिक या कांच से भरे पत्थर होते हैं। ये पत्थर चमकदार दिखाई देते हैं, लेकिन इनमें कोई कॉस्मिक एनर्जी नहीं होती है।
इस नेचुरल जेमस्टोन को बनने में लाखों साल लगते हैं, इसलिए उसमें संबंधित ग्रहों की ऊर्जा होती है। नकली पत्थर कभी भी ज्योतिषीय असर नहीं दिखा सकते हैं।
रत्न का वजन कम होना
ज्योतिषीय रत्न एनर्जी रेजोनेंस पर काम करते हैं। अगर वजन काफी कम होता है, तो इसका प्रभाव भी कमजोर हो जाता है। उदाहरण के लिए पुखराज को कम से कम 5-7 रत्ती, माणिक्य को कम से कम 4-5 रत्ती और पन्ना को कम से कम 5 रत्ती का होना ही चाहिए। अगर आपका जेमस्टोन अपने सही वजन से कम है, तो इसका ज्योतिषीय प्रभाव काफी धीमा या तो न के बराबर हो सकता है।
गलत धातु के साथ रत्न पहनना
- रूबी को सोना
- पन्ना को सोना/चांदी
- नीलम को चांदी
- पीला नीलम को चांदी
- मोती को चांदी
- लाल मूंगा को सोना या चांदी के साथ
गलत धातु के साथ रत्न पहनने से इसकी ज्योतिषीय ऊर्जा काफी कमजोर हो सकती है। इसी तरह गलत उंगलियों, गलत हाथों या बिना शुद्धिकरण के रत्न पहनने से पत्थर अपना असर दिखाने की वजह समस्या उत्पन्न कर सकते हैं।
इसके अलावा कुछ लोग बार-बार अपना रत्न उतारते रहते हैं जिस वजह से भी जेमस्टोन अपना पूरा असर दिखाने में असमर्थ हो सकते हैं। इसके साथ ही कई लोग रत्न के क्रैक या टूटने पर भी इसे लगातार पहने रहते हैं, जो कि ज्योतिषीय नजरिए से गलत माना जाता है। क्षतिग्रस्त रत्न को कभी भी पहनना नहीं चाहिए ऐसा करने से व्यक्ति को अपने जीवन में विपरीत परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
यह भी पढ़ें- दूसरों को मिल रही है मनचाही नौकरी और आपको सिर्फ संघर्ष? कार्यक्षेत्र में रुकावटें दूर करने वाले 5 असरदार रत्न
यह भी पढ़ें- नहाते या सोते समय उतारते हैं अंगूठी? कहीं आपकी ये आदत रत्न को बेअसर तो नहीं कर रही!
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।