शारदीय नवरात्र में 3 बार बन रहा सर्वार्थ सिद्धि योग, आपकी राशि पर क्या पड़ेगा प्रभाव?
शारदीय नवरात्र 2026 में तीन बार 'सर्वार्थ सिद्धि योग' बन रहा है, जिसे ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत शुभ माना गया ...और पढ़ें
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शारदीय नवरात्र 2026: कब-कब बन रहा सर्वार्थ सिद्धि योग?

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। शारदीय नवरात्र को मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए शुभ माना जाता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, आज यानी 11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्र (Shardiya Navratri 2026) की शुरुआत हुई है। शारदीय नवरात्र की अवधि को ज्योतिषीय दृष्टि से अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है।
इस पावन पर्व के दौरान कई अत्यंत शुभ संयोग बन रहे हैं, जिनमें से सबसे प्रमुख है- 'सर्वार्थ सिद्धि योग'। ज्योतिष शास्त्र में सर्वार्थ सिद्धि योग को शक्तिशाली माना गया है। सर्वार्थ सिद्धि योग को सभी प्रकार के शुभ कार्यों के लिए शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस मुहूर्त में नए काम की शुरुआत, वाहन खरीदारी, निवेश या पूजा करने से कई गुना अधिक फल प्राप्त होता है।
अब यह जानना अधिक महत्वूर्ण है कि शारदीय नवरात्र में कब-कब बन रहा है सर्वार्थ सिद्धि योग। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको एस्ट्रोपत्री के ज्योतिषी चंद्रेश शर्मा के अनुसार बताते हैं कि शारदीय नवरात्र में कब-कब बन रहा है यह योग और इसका राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
एस्ट्रोपत्री के ज्योतिषी चंद्रेश शर्मा के अनुसार, इस बार शारदीय नवरात्रि (11 अक्टूबर से 20 अक्टूबर 2026) के पावन अवसर पर कई तिथियों में अत्यंत शुभ 'सर्वार्थ सिद्धि योग' का निर्माण हो रहा है। इस योग में की गई पूजा, संकल्प और नए कार्यों की शुरुआत अत्यंत फलदायी मानी जाती है।
अक्टूबर 2026 में सर्वार्थ सिद्धि योग की मुख्य तिथियां
14 अक्टूबर 2026 (बुधवार): प्रातः 06 बजकर 21 से अगले दिन प्रातः 04 बजकर 03 मिनट तक।
18 अक्टूबर 2026 (रविवार): दोपहर 12 बजकर 49 से अगले दिन प्रातः 06 बजकर 24 मिनट तक।
19 अक्टूबर 2026 (सोमवार): दोपहर 03 बजकर 38 से अगले दिन प्रातः 06 बजकर 25 मिनट तक।
12 राशियों पर सर्वार्थ सिद्धि योग का प्रभाव
शुभ व लाभकारी राशियां (मेष, सिंह, तुला, धनु, मकर): आजीविका व कार्यक्षेत्र में उन्नति, नए कार्य की शुरुआत, वाहन या गृह निर्माण के योग और आर्थिक स्थिति में मजबूती आएगी।
सकारात्मक व मध्यम राशियां (वृषभ, मिथुन, कन्या, वृश्चिक): कार्यस्थल पर सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे तथा लंबे समय से अटके हुए कार्य पूरे होंगे।
सचेत रहने योग्य राशियां (कर्क, कुंभ, मीन): स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें और धन के लेन-देन में जल्दबाजी से बचें। मां भगवती के पूजन से सभी विघ्न दूर होंगे।
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