विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 12, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

संतरे खेती के सीखे गुर

By Edited By:
Published: Fri, 12 Jul 2013 10:18 PM (IST)Updated: Fri, 12 Jul 2013 10:19 PM (IST)

News Article Hero Image

मिरिक, संवाद सूत्र : यहां के सौरनी बस्ती में कृषकों ने संतरे खेती के गुर सीखे। शुक्रवार को कृषक कल्याण संगठन के महासचिव विष्णु क्षेत्री ने किसानों को संतरे पौधे की सुरक्षा रखरखाव की बारिकियों से अवगत कराया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में सौरनी बस्ती के फारमर्स क्लब के मुख्य संयोजक एमडी नामदुंग, कार्यवाहक अध्यक्षर सीआर राई व अन्य मौजूद थे। क्षेत्री ने कहा कि संतरे की खेती से आर्थिक विपन्नता दूर की जा सकती है। इसकी खेती करना फायदेमंद है। उन्होंने कहा कि पुराने पौधे में अधिक फल नहीं लगते। नए पौधे को लगाने की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने ग्रामीणों को संतरे के पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया। यहां के बागान में 70 वर्ष पहले के पौधे लगे हैं। पुराने पौधे में संतरे का उत्पादन अपेक्षाकृत कम होता है। उन्होंने युवाओं को खेती और बागवानी करने की सलाह दी। कहा कि इसे अपनाकर बेरोजगारी से मुक्ति मिल सकती है। यह आर्थिक उपार्जन का उत्तम साधन है। यहां की भौगोलिक स्थिति संतरा उत्पादन के अनुकूल है। यहा के कृषकों को नए जोश के साथ उत्पादन में रूचि लेनी होगी। इसे जुनून के तौर पर अपनाना होगा।

मोबाइल पर ताजा खबरें, फोटो, वीडियो व लाइव स्कोर देखने के लिए जाएं m.jagran.com पर