यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 22, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
भागीरथी तट पर धड़ल्ले से चल रहा है अवैध खनन
भटवाड़ी से लेकर चिन्यालीसौड़ तक भागीरथी अवैध खननकारियो के लिए कामधेनु साबित हो रही है। इस क्षेत्र में सक्रिय रेत ...और पढ़ें

उत्तरकाशी, [जेएनएन]: उत्तरकाशी में भटवाड़ी से लेकर चिन्यालीसौड़ तक भागीरथी तट पर अवैध खनन बदस्तूर जारी है। इससे तटों की सूरत बिगड़ने के साथ ही सरकार को भारी मात्रा में राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। भागीरथी से पत्थर व रेत बजरी क्रशर पर पहुंच रही है।
वहीं स्थानीय प्रशासन खनन कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय चुप्पी साधे हुए है। ये हाल तब है जब भागीरथी में खनन पर पूरी तरह प्रतिबंध है और उत्तरकाशी शहर ईको सेंसिटिव जोन में आता है।
जनपद में भटवाड़ी से लेकर चिन्यालीसौड़ तक भागीरथी अवैध खननकारियो के लिए कामधेनु साबित हो रही है। इस क्षेत्र में सक्रिय रेत माफिया नियम कानूनों को ताक पर रखकर भागीरथी का सीना चीर रहे हैं। मुख्यालय से तीन किमी दूर मनेरा मे खनन माफिया धड़ल्ले से खनन कर रहे हैं।
यह भी पढ़ें: अवैध खनन और फायरिंग मामले में पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
उत्तरकाशी शहर से लगे केदार घाट, तिलोथ, तेखला, गंगोरी में भी जमकर खनन हो रहा है। इन क्षेत्रों में नदी का जलस्तर कम होने से खननकारी नदी के बीच उतरकर लंबे समय से बेखौफ नदी का सीना चीर रहे हैं। खच्चरो व ट्रको के जरिये रेत और पत्थरों को बाहर ले जाया जा रहा है।
खननकारियों के हौसले किस कदर बुलंद है कि रातभर टॉर्च की रोशनी के सहारे चलने वाला खनन अब दिन में खुलेआम किया जा रहा है। यहां से पत्थर और रेत डंपर में भरकर क्रशर पर पहुंचाए जा रहे है। इन क्रशरों में गंगा के किनारे कुछ ही दूरी पर नियम विरुद्ध चल रहे तीन क्रशर शामिल हैं। सबसे अधिक खनन के ट्रक कवां एटहाली मार्ग पर लगे क्रशर पर जा रहा है।
नियम कानूनों को ताक पर रखकर चल रहे इस खनन के काले कारोबार पर प्रशासन की चुप्पी भी बड़ा सवाल पैदा करती है। उत्तरकाशी के प्रभारी जिलाधिकारी पीएल शाह ने बताया कि भागीरथी में अवैध खनन के बारे में उन्हें जानकारी नही है। उधर भटवाड़ी ब्लाक की एसडीएम नितिका खंडेलवाल ने बताया कि कुछ दिन पहले खनन का एक ट्रक सीज किया गया था। आगे भी इस पर कार्रवाई की जाएगी।
