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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 02, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उत्‍तराखंड: आग पर काबू पाते पुलिसकर्मी की मौत, तीन झुलसे

By BhanuEdited By:
Published: Mon, 02 May 2016 09:56 AM (IST)Updated: Tue, 03 May 2016 07:31 AM (IST)

उत्तराखंड के जंगलों के लगातार धधकने के साथ ही जंगल की आग भारी पड लगी है। चमोली जिले में बदरीनाथ ...और पढ़ें

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देहरादून। उत्तराखंड के जंगलों के लगातार धधकने के साथ ही जंगल की आग भारी पड लगी है। चमोली जिले में बदरीनाथ वन प्रभाग की चमोली रेंज में आग बुझाते वक्त एक पुलिसकर्मी की पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आकर मृत्यु हो गई, जबकि उत्तरकाशी में वन विकास निगम कर्मी और पौड़ी जिले में वन विभाग के दो दैनिक श्रमिक झुलस गए। इस बीच वायु सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, वन, राजस्व समेत अन्य विभागों के कार्मिक दिनभर ही आग बुझाने में जुटे रहे। पौड़ी और नैनीताल में वायु सेना के एमआइ-17 हेलीकॉप्टरों से जंगलों में पानी का छिड़काव कर आग पर काबू पाया गया। जंगलों में आग लगाने वालों की धरपकड़ भी तेज हो गई है। इस कड़ी में नैनीताल, पिथौरागढ़, पौड़ी व टिहरी जिलों में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया। जानबूझकर आग लगाने के 46 मामले भी राज्यभर में दर्ज हुए हैं, जिनमें वन अधिनियम के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। केंद्र सरकार भी यहां जंगलों की आग पर नजर रखे है। टिहरी में केंद्रीय टीम ने आग का जायजा लिया।

राज्यभर में बेकाबू होती जंगल की आग वन संपदा के साथ ही जिंदगी पर भी भारी पड़ रही है। सोमवार को भी दिनभर जंगल सुलगते रहे। वन विभाग के आंकड़ों पर ही गौर करें तो सोमवार को वनाग्नि की 252 घटनाएं हुई, जिनमें करीब 633.40 हेक्टेयर वन क्षेत्र को नुकसान पहुंचा। इसके साथ ही राज्य में अब तक 1470 घटनाओं में 3185.44 हेक्टेयर वन क्षेत्र तबाह हो चुका है। शासन भी आग पर नजर रखे है। अपर मुख्य सचिव एस.रामास्वामी के मुताबिक सोमवार को सूबे में 231 स्थानों पर लगी आग पर काबू पा लिया गया। 40 स्थानों में अभी भी आग लगी है, लेकिन वहां पहुंचना मुश्किल हो रहा है। हालांकि, रविवार को ऐसे स्थानों की संख्या 73 थी, जो अब घटी है।

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इस बीच सोमवार को राज्यभर में जंगल की आग पर काबू पाने के लिए दिनभर प्रयास चलते रहे। मशीनरी के अलावा ग्रामीण भी आग बुझाने में जुटे रहे। पौडी और नैनीताल में वायु सेना के हेलीकॉप्टरों ने पांच और सात उड़ानें भरकर क्षेत्र के जंगलों की आग बुझाई। बदरीनाथ वन प्रभाग की चमोली रेंज में भड़की आग को बुझाने के लिए सोमवार शाम पुलिस टीम ने मोर्चा संभाला। आग बुझाने के दौरान पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आकर एक पुलिसकर्मी पंकज सिंह चौहान (24 वर्ष) की मृत्यु हो गई। दिगोली (श्रीनगर गढ़वाल) निवासी पंकज नंदप्रयाग पुलिस चौकी में तैनात था।

इधर, उत्तरकाशी के टौंस वन प्रभाग के जंगल की आग जब कंडाला वन विकास निगम के डिपो तक पहुंची तो वनकर्मी आग बुझाने में जुट गए। तभी निगम कर्मचारी रामकुमार आग की चपेट में आकर झुलस गया। पौड़ी जिले के यमकेश्वर प्रखंड के ग्राम धमांद में भी आग बुझाने के दौरान वन विभाग के दो श्रमिक सुभाष (भलगांव) व बलराम (जोंक) झुलस गए। तीनों घायलों का उपचार चल रहा है। वहीं, जंगल की आग से टिहरी जिले में छह स्थानों पर विद्युत लाइनें टूट गईं।

यही नहीं, आग से सूबे में धुएं और धुंध की चादर पसरी हुई है। बदरीनाथ से केदारनाथ के लिए मंडलायुक्त का हेलीकॉप्टर भी इसी वजह से उड़ान नहीं भर पाया। ऐसे में मंडलायुक्त को सड़क मार्ग से जाना पड़ा। पिथौरागढ़ डीएम ने आग बुझाने के लिए सेना व वायु सेना की मदद मांगी है।
जंगलों में आग लगाने वालों की धरपकड़ भी तेज कर दी गई है। इस क्रम में पौड़ी में बणगांव निवासी अर्जुन सिंह और कीर्तिनगर में गुमान सिंह को जंगल में आग लगाने के आरोप में पकड़ा गया। इसके अलावा नैनीताल में तीन और पिथौरागढ़ में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया।

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