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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 03, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उत्‍तराखंड: आग बुझाने गए फायर वाचर की दम घुटने से मौत

By sunil negiEdited By:
Published: Tue, 03 May 2016 10:37 AM (IST)Updated: Wed, 04 May 2016 08:59 AM (IST)

पौड़ी जिले में भूमि संरक्षण वन प्रभाग की मटियाली रेंज जंगल की आग बुझाने के दौरान दम घुटने से एक ...और पढ़ें

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देहरादून। पौड़ी जिले में भूमि संरक्षण वन प्रभाग की मटियाली रेंज जंगल की आग बुझाने के दौरान दम घुटने से एक फायर वाचर की मौत हो गई। बीते रोज चमोली में आग बुझाते वक्त एक सिपाही की मौत हो गई थी। इसके साथ ही राज्य में जंगल की आग से सात लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच आज जंगलों की आग पर काबू पाने के लिए वायु सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, एसएसबी के जवानों के साथ ही वन समेत विभिन्न विभागों के 11160 कार्मिक जुटे रहे। बताया गया कि मंगलवार को आग की 121 घटनाओं में से 95 पर काबू पा लिया गया।

अलबत्ता, 26 स्थानों में अभी भी आग भड़की है। कुमाऊं मंडल में जंगल की आग डीडीहाट तक पहुंची तो आइटीबीपी ने आनन-फानन 25 घर खाली करा दिए। शुक्र यह कि थोड़ी देर में बारिश हो गई। वहीं, मौसम के करवट बदलने से वन महकमे को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जनपदों में मंगलवार शाम को बारिश हुई। नैनीताल में बेतालघाट क्षेत्र में एक घर आग की भेंट चढ़ गया। मौसम विभाग ने बुधवार और गुरुवार को सूबे में अनेक स्थानों पर बारिश की संभावना जताई है।

भूमि संरक्षण वन प्रभाग की मटियाली रेंज भी आग की गिरफ्त में है। वहां आग बुझाने में जुटे बौंठा निवासी फायर वाचर चैत सिंह (44 वर्ष) सोमवार को जंगल की आग में घिरा, जैसे-तैसे वह वहां से सुरक्षित तो निकल गया। लेकिन, मटियाली वन चौकी पहुंचते ही उसकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उसे 108 सेवा से अस्पताल ले जाया गया, जहां मंगलवार को उसने दम तोड़ दिया। राज्य के अन्य हिस्सों में भी दिनभर जंगल धधकते रहे। टिहरी के खैट पर्वत भी आग की चपेट में आ गया है। पौड़ी और नैनीताल में वायु सेना के हेलीकॉप्टरों ने क्रमश: छह व 10 उड़ानें भरीं।

आग बुझाने के मामलों में कार्मिकों की लापरवाही भी सामने आ रही है। बागेश्वर जिले के कपकोट तहसील के सीरी गांव में आग की सूचना पर एसडीएम केएस टोलिया वन, ग्राम्य विकास और राजस्व विभाग की टीम लेकर मौके के लिए रवाना हुए। टीम में वन क्षेत्र ग्लेशियर के रेंजर अनंत राम भी शामिल थे। बताया गया कि वह सीरी से तीन किमी पहले ही खडलेख गांव से बिना एसडीएम को सूचना दिए लौट गए। एसडीएम केएस टोलिया ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए जिलाधिकारी को रेंजर के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है।

पिथौरागढ़ के डीडीहाट में शाम को उस वक्त अफरातफरी मच गई, जब जंगल की आग कसबे तक आ पहुंची। मौके पर पहुंची आइटीबीपी ने आननफानन 25 घर खाली करा दिए। थोड़ी देर में बारिश होने से आग बुझने पर आइटीबीपी के साथ ही ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। नैनीताल के बेतालघाट क्षेत्र की ग्रामसभा कांडा में काशीराम का घर आग की भेंट चढ़ गया। शुक्र यह कि जनहानि बच गई।

इस बीच मंगलवार को राज्यभर में आग की 121 घटनाएं हुई, जिनमें 280.5 हेक्टेयर जंगल तबाह हुआ। राज्य में अब तक आग की 1591 घटनाएं रिकार्ड की गई, जिनमें 3465.94 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है। इधर, देहरादून में अपर मुख्य सचिव एस.रामास्वामी ने बताया कि सूबे में 26 स्थानों पर आग भड़की हुई है, जिस पर काबू पाने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने बताया कि मंगलवार को टिहरी जिले में दो लोगों के खिलाफ जानबूझकर आग लगाने के मामले दर्ज किए गए। अब तक ऐसे 46 मामले दर्ज किए जा चुके हैं।

मुनस्यारी-बागेश्वर में बारिश, जंगल की आग बुझी
नैनीताल के जंगलों में हेलीकॉप्टर और सेना के जवानों की मदद से आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है। उधर, शाम साढ़े छह बजे के बाद पिथौरागढ़ के धारचूला, मुनस्यारी, गोरीछाल और बागेश्वर में हुई बारिश ने वहां के जंगलों की आग को बुझा दिया है। इससे पूर्व पिथौरागढ़ के डीडीहाट में शाम करीब चार बजे तेज हवा चलने से जंगल की आग बस्ती में पहुंच गई थी और 25 मकान उसकी जद में आ गए थे। लोग बस्ती खाली कर दूर भाग गए थे। समय से आइटीबीपी और एसएसबी के जवान मौके पर पहुंच गए और दो घंटे के प्रयास के बाद आग पर काबू पा लिया।
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