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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 25, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नारी निकेतन में संवासिनी की मौत, एक गंभीर

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Published: Fri, 25 Dec 2015 08:24 PM (IST)

जागरण संवाददाता, देहरादून: नारी निकेतन एक बार फिर से चर्चाओं में है। शुक्रवार को यहां एक संवासिनी की

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जागरण संवाददाता, देहरादून: नारी निकेतन एक बार फिर से चर्चाओं में है। शुक्रवार को यहां एक संवासिनी की लंबी बीमारी के बाद मौत हो गई, जबकि डायरिया ग्रसित एक अन्य संवासिनी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गंभीर हालत में संवासिनी का वेंटीलेटर पर इलाज चल रहा है। इधर, मृतक संवासिनी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण अंगों का काम न करना बताया गया है। चिकित्सकों के अनुसार संवासिनी को लंबे समय से डायरिया था। उसका पहले चार दिनों तक दून अस्पताल में इलाज चला था। मुख्यमंत्री इस मामले में जिलाधिकारी को मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं।

जानकारी के अनुसार शिवानी गुप्ता नाम की संवासिनी काफी समय से बीमार थी। 17 दिसंबर को उसे दून अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे डायरिया से ग्रसित बताया। इसके बाद 21 दिसंबर को शिवानी को जरूरी इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। लेकिन, गुरुवार रात को शिवानी और उसके साथ रहने वाली एक अन्य संवासिनी रेखा की तबीयत बिगड़ने लगी। चौकी प्रभारी बाइपास नत्थीलाल उनियाल ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब छह बजे नारी निकेतन प्रबंधन द्वारा इमरजेंसी सेवा 108 के माध्यम से दोनों संवासिनियों को दून अस्पताल ले जाया गया। लेकिन, यहां चिकित्सकों ने शिवानी को मृत घोषित कर दिया। नत्थीलाल उनियाल ने बताया कि शिवानी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आया है कि बीमारी के कारण उसके अंगों ने काम करना बंद कर दिया था।

उधर, रेखा की गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे आइसीयू में भर्ती करा दिया। इसके बाद और अधिक तबीयत खराब होने पर उसे वेंटीलेटर पर रखा गया है। रेखा की हालत नाजुक बनी हुई है।

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2007 में नारी निकेतन आई थी शिवानी

शिवानी गुप्ता वर्ष 2007 में कोतवाली थाना क्षेत्र में लावारिस हालत में मिली थी। इसके बाद पुलिस ने उसे नारी निकेतन में भर्ती कराया था। नारी निकेतन से मिली जानकारी के आधार पर चौकी प्रभारी ने बताया कि शिवानी मानसिक रूप से भी बीमार थी।

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बरेली भी चला था इलाज

मानसिक बीमारी के चलते उसका इलाज सेलाकुई मानसिक रोगी अस्पताल में चल रहा था। जबकि, दो साल पहले उसे बरेली स्थित मानसिक अस्पताल में भी भर्ती कराया गया था।

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