यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 23, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मनरेगा भुगतान को बीडीसी बैठक का बहिष्कार
संवाद सहयोगी, गोपेश्वर : ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा के तहत किए गए कार्यों का भुगतान न होने पर गुस्

संवाद सहयोगी, गोपेश्वर : ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा के तहत किए गए कार्यों का भुगतान न होने पर गुस्साए ग्राम प्रधानों ने क्षेत्र पंचायत दशोली की बैठक का बहिष्कार किया। ग्राम प्रधानों ने भुगतान की मांग को लेकर खंड विकास अधिकारी कार्यालय में धरना प्रदर्शन भी किया। क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने भी ग्राम प्रधानों के आंदोलन को समर्थन दिया है।
दशोली की ब्लाक प्रमुख प्रमिला सजवाण की अध्यक्षता में क्षेत्र पंचायत सभागार में मंगलवार को ज्यों ही बीडीसी बैठक प्रारंभ हुई, दशोली विकासखंड के ग्राम प्रधानों ने सदन में ही नारेबाजी शुरू कर दी। ग्राम प्रधानों का कहना था कि मनरेगा में दो करोड़ से अधिक राशि के कार्य हो चुके हैं, परंतु अभी तक इनका भुगतान नहीं किया जा रहा है। ग्राम प्रधानों ने कहा कि इससे निर्माण कार्य भी नहीं हो पा रहे हैं। यहां तक कि दुकानदार कार्य के लिए उधार में अब उन्हें सीमेंट, सरिया समेत अन्य सामग्री भी नहीं दे रहे हैं। निर्णय लिया गया कि जब तक मनरेगा के कार्यों का पिछला भुगतान नहीं किया जाता है तब तक दशोली ब्लॉक के किसी भी गांव में मनरेगा का कार्य नहीं किया जाएगा। यह भी निर्णय लिया गया कि मनरेगा का पिछला भुगतान जब तक नहीं किया जाता है तब तक बीडीसी बैठक का लगातार बहिष्कार किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों में ग्राम प्रधान सुरेंद्र रावत, र¨वद्र नेगी, संजय फस्र्वाण, हरेंद्र राणा, विनीता देवी, बिजेंद्र बिष्ट आदि शामिल थे। क्षेत्र पंचायत सदस्य राजदीप फस्र्वाण, सुरेंद्र ¨सह ने भी ग्राम प्रधानों के इस आंदोलन को समर्थन दिया है।
बिना ग्राम प्रधानों के ही क्षेत्र पंचायत दशोली की बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में हालांकि किसी भी नई समस्या पर चर्चा नहीं हुई। पुरानी समस्याओं पर चर्चा के दौरान मेड़, ठेली, धारकोट समेत अन्य गांव में सड़क की सुविधा लंबे समय से बंद होने पर सदस्यों ने आक्रोश जताया। कहा कि पीएमजेएसवाइ व लोनिवि की लापरवाही के कारण दशोली विकासखंड के अधिकतर गांवों में आज भी यातायात सुविधा नहीं मिल पा रही है। इससे ग्रामीणों को मीलों पैदल जाना पड़ रहा है। ईराणी गांव में क्षतिग्रस्त विद्युत लाइन न सुधारे जाने पर भी सदस्यों ने आक्रोश जताया। कहा कि यदि शीघ्र ही ईराणी गांव में विद्युत सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जाती है तो आंदोलन किया जाएगा। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनोद गोस्वामी, जिला विकास अधिकारी आनंद सिंह, खंड विकास अधिकारी महिधर प्रसद भट्ट समेत कई अधिकारी मौजूद थे।