यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 22, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
आयुर्वेदिक चिकित्सकों ने बांधी काली पट्टी, विरोध
संवाद सहयोगी, गोपेश्वर: लंबित मांगों को लेकर आयुर्वेदिक चिकित्सकों ने सोमवार को भी बांह पर काली पट्ट

संवाद सहयोगी, गोपेश्वर: लंबित मांगों को लेकर आयुर्वेदिक चिकित्सकों ने सोमवार को भी बांह पर काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज किया।
गौरतलब है कि 16 नवंबर से आयुर्वेदिक चिकित्सक बांह पर काला फीता बांधकर विरोध दर्ज कर रहे हैं। आयुर्वेदिक चिकित्सक संघ के जिलाध्यक्ष डॉ.एसके रतूड़ी का कहना है कि राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ लंबे समय से विभागीय ढांचे के पुनर्गठन की मांग कर रहा है। परंतु सरकार ने इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा एनपीए व डीएसीपी सहित अन्य मांगों के लिए भी आयुर्वेदिक चिकित्सक आंदोलनरत हैं, लेकिन सरकार बार बार कोरे आश्वासन दे रही है। उन्होंने बताया कि मांगों को लेकर आयुर्वेदिक चिकित्सक 22 नवंबर से निदेशालय में क्रमिक अनशन व धरना प्रदर्शन करेंगे। उधर टिहरी में भी चिकित्सकों ने विरोध जताया। संघ की जिला शाखा की अध्यक्ष डॉ. बंदना डंगवाल ने बताया कि सरकार उनकी मांग पर ध्यान नहीं दे रही है। इसलिए अब प्रदेशभर में आंदोलन चलाया जाएगा।