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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 24, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बीएचयू में फिर से तनाव, साथी को छुड़ाने के लिए छात्रों ने लंका थाना घेरा

By Amal ChowdhuryEdited By:
Published: Sun, 24 Sep 2017 11:59 AM (IST)Updated: Sun, 24 Sep 2017 12:34 PM (IST)

सर्वाधिक संवेदनशील बिड़ला हास्टल में लाठीचार्ज की तैयारी की जा रही है, दूसरी ओर अपने पकड़े गए एक साथी को छुड़ाने के लिए छात्रों ने लंका थाना घेर लिया है।

बीएचयू में फिर से तनाव, साथी को छुड़ाने के लिए छात्रों ने लंका थाना घेरा
बीएचयू में फिर से तनाव, साथी को छुड़ाने के लिए छात्रों ने लंका थाना घेरा

वाराणसी (जेएनएन)। शनिवार देर रात काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में हुए हंगामे और हिंसा के बाद वहां भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। छात्राओं के एमएमवी व त्रिवेणी तथा छात्रों के ब्रोचा हास्टल को खाली कराया जा रहा।

इसके अलावा सर्वाधिक संवेदनशील बिड़ला हास्टल में लाठीचार्ज की तैयारी की जा रही है। दूसरी ओर अपने पकड़े गए एक साथी को छुड़ाने के लिए छात्रों ने लंका थाना घेर लिया है। छात्रों का कहना है कि पुलिस ने उनके साथी को बिना किसी आधार के पकड़ा है और उससे मिलने भी नहीं दिया जा रहा है।

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नहीं माने कुलपति: विश्वविद्यालय में मौजूद सूत्रों का कहना है कि पीएम के आने से लेकर जाने तक दिन रात छात्राएं मेन गेट पर प्रदर्शन करती रहीं लेकिन कुलपति मौके पर नहीं गए। पीएम की  विदाई के तत्काल बाद एडीएम सिटी व एसपी सिटी ने कुलपति के समक्ष प्रस्ताव रखा कि वो चलकर गेट पर छात्राओं से मिल लें मगर वह नहीं गए वरना बात वहीं खत्म हो सकती थी। लेकिन वो नहीं माने।

प्रतिनिधिमंडल से मिलने की बात कही: सूत्र बताते हैं कि अफसरों ने कहा कि कुलपति साहब, आप तो अभिभावक हैं आखिर बच्चों के सामने चलने में क्या परेशानी है। इस पर कुलपति ने कहा कि बीएचयू प्रशासन सभी छात्राओं से नहीं बल्कि उनके प्रतिनिधिमंडल से मिलेगा। इस पर शाम तक बात नहीं बन सकी। परिणाम रहा कि रात होते-होते ऐसा मंजर बीएचयू में देखने को मिला कि रूह कांप उठी।

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