यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 11, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
आल्हा में माड़ो का प्रसंग सुन श्रोता हुए रोमांचित
सुमेरपुर, संवादसूत्र : उन्नाव व रायबरेली की सीमा ग्राम कोटवर(चडौली) के पास स्थित माँ उसराही देवी

सुमेरपुर, संवादसूत्र :
उन्नाव व रायबरेली की सीमा ग्राम कोटवर(चडौली) के पास स्थित माँ उसराही देवी का वाíषक उत्सव धूमधाम से मनाया गया। इसमें विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ साथ आल्हा सम्राट लल्लू बाजपई की शिष्या ने आल्हा प्रस्तुत कर लोगों को रोमांचित किया।
वाíषक उत्सव पर मंदिर का भव्य श्रंगार किया गया। इसके बाद हवन पूजन हुआ। स्व. बाजपई की शिष्या नेहा ¨सह ने आल्हा में माड़ों की लड़ाई व द्रोपदी चीरहरन प्रसंग का वर्णन करते हुये लोगों को रोमांचित किया। समारोह में सपा नेता डॉक्टर यदुकुवर ¨सह ने पहुंचकर आल्हा गायकों को पुरस्कृत किया। आयोजकों को हर सम्भव सहयोग करने का वादा किया, संयोजक करुणानिती तिवारी ने सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। प्रमुख लोगों मे राकेश अवस्थी, शिव कुमार तिवारी, रजोले ¨सह,बबलू तिवारी, नागेंद्र ¨सह आदि मौजूद थे।
