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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 15, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

लो-वोल्टेज व अघोषित कटौती बनी मुसीबत

By JagranEdited By:
Published: Sat, 15 Apr 2017 10:31 PM (IST)

सिद्धार्थनगर : तहसील क्षेत्र में विद्युत समस्या ला-इलाज बन चुकी है। लो-वोल्टेज व अघोषित विद्युत कटौत

लो-वोल्टेज व अघोषित कटौती बनी मुसीबत
लो-वोल्टेज व अघोषित कटौती बनी मुसीबत

सिद्धार्थनगर : तहसील क्षेत्र में विद्युत समस्या ला-इलाज बन चुकी है। लो-वोल्टेज व अघोषित विद्युत कटौती के चलते उपभोक्ता त्रस्त है। जर्जर होकर टूट रहे तारों व विद्युत पोल को ठीक कराने के प्रति महकमा उदासीन बना हुआ है।

बिस्कोहर, फूलपुर लाला, सिकौथा, कानभारी, कोदईजोत, गदाखौवा, बुड्ढी खास, पटना, हरिबंधनपुर, कोहड़ौरा, त्रिलोकपुर, बड़हरा, हबीबपुर, सोहना, सुकालाजोत, गड़ावर, बभनी, भरौली कैथवलिया आदि गांवों के उपभोक्ता लो-वोल्टेज से त्रस्त हैं। दिन में बिजली दूर की कौड़ी साबित हो रही है तो रात में आवाजाही से नागरिकों का चैन सुकून गायब है। सबसे अहम बात यह है कि जर्जर तारों के चलते अक्सर पैदा हो रही लोकल फाल्ट की समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता। एक बार समस्या पैदा हुई तो उसे ठीक कराने में कई दिन लग जा रहे हैं। शिव सागर मिश्र का कहना है कि गर्मी के सीजन में बिजली राहत के बजाय दर्द देने का काम कर रही है। सुचारु आपूर्ति न मिलने के बाद भी बिल हर महीने जमा करने की मजबूरी है। सत्य नारायण का कहना है कि लो-वोल्टेज के चलते दो साल से परेशानी उठानी पड़ रही है। रामकृपाल ने बताया कि बिजली न मिलने से गर्मी में पूरी रात जाग कर बितानी पड़ रही है, पंखा चलाना तो दूर मोबाइल चार्ज करने के लाले पड़ गए हैं।

अवर अभियंता वीपी सिन्हा का कहना है कि फाल्ट वाले स्थानों को ¨चहित कर खराबी ठीक कराया जा रहा है। रही बात लो-वोल्टेज की तो लोड अधिक होने की वजह से समस्या आ रही है।